
जमशेदपुर : जमशेदपुर के पोटका विधानसभा अंतर्गत जमशेदपुर प्रखंड पोटका प्रखंड एवं डुमरिया प्रखंड के सभी बीआरपी व सीआरपी महासंघ द्वारा शिक्षा विभाग में पिछले 15 वर्षों से झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद में कार्य 3 हजार बीआरपी-सीआरपी पदाधिकारियों के विभिन्न समस्याओं के संबंध में शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार से उनके आवास में मिले. ज्ञापन भी इन लोगों ने सौंपा. इन लोगों ने बताया कि बीआरपी-सीआरपी की नियुक्ति 2004-2005 में किया गया था. 15 सालों तक निरंतर सेवा देने के बावजूद भी झारखंड सरकार के द्वारा अब तक बीआरपी व सीआरपी के सुरक्षित भविष्य हेतु कोई भी नियमावली एवं सेवा संघ का निर्माण नहीं किया गया है.
वर्तमान में बीआरपी-सीआरपी को ना तो झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद में कार्य अन्य कर्मियों की भांति इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है और ना ही राज्य सरकार के अधीन कार्य में कार्यरत अनुबंध कर्मियों के समान संयोजन हेतु प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इससे राज्य में लगभग 3 हजार बीआरपी-सीआरपी अपने सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित है. 2014 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में जो 38 में राज्य का कार्यकारिणी समिति में जो चालू किया गया था, उसे भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था इसे पुनः चालू किया जाए. इस समस्या को लेकर पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार ने झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो से दूरभाष पर बात की. शिक्षा मंत्री ने विधायक को आश्वासन दिया कि जो भी उनकी समस्या है, 29 जून 2020 सोमवार को मिलकर उनका समाधान कर लिया जाएगा.







