सरायकेला : सरायकेला में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गैस संचालित अत्याधुनिक शवदाह गृह लगभग बन कर तैयार है. नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि जल्द ही इसका उपयोग भी शुरू हो जायेगा. उन्होंने बताया कि नगर पंचायत के बोर्ड ने जनहित के अनेक कार्य किये हैं. उन कार्यों में गैस संचालित शवदाह गृह का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है. (नीचे भी पढ़ें)

पारंपरिक पद्धति से अंत्येष्टि में लगभग 3 क्विंटल लकड़ी खर्च होती थी और प्रदूषण भी फैलता था, परंतु इस गैस चालित शवदाह गृह में महज एक सिलिंडर का ही खर्च आएगा. उन्होंने बताया कि यदि शवदाह गृह गर्म रहेगा तब गैस कम खर्च होगी और खर्चा भी कम होगा और समय भी कम लगेगा. इस शवदाह गृह से निकलने वाली हवा को फिल्टर करने के लिए 7 लाख रुपये की लागत से चिमनी का प्लांट लगाया गया है.(नीचे भी पढ़ें)
परंपरागत रूप से मृतक के परिजनों द्वारा लकड़ी से दाह संस्कार करने की परंपरा रही है. इसलिए गैस द्वारा अंत्येष्टि करने को लेकर समाज में थोड़ी असमंजस की स्थिति है. उन्होंने आम लोगों से पर्यावरण एवं प्रदूषण दोनों को ध्यान में रखते हुए इसे स्वीकार करने की अपील की है. गैस द्वारा संचालित शवदाह गृह को नगर पंचायत द्वारा जल्द ही उपयोग के लिए लोकार्पित किया जायेगा.




