
सरायकेला : सरायकेला स्थित जिला समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार गगराई की अध्यक्षता में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु बागवानी मित्र / सखी के उन्मुखीकरण के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रदान की टीम की ओर से रवि विश्वकर्मा ने बागवानी के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की. इस दौरान रवि कुमार ने मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत किए जा रहे बागवानी में आम के पौधों के रोपण से पूर्व एवं पौधे के संरक्षण करते हुए फल उपज तक किए जाने वाले कार्यो की विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की. उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग अलग प्रारूप के तहत पौधों के बीच की दूरी, गड्ढा खुदाई, गड्ढा भराई, कीटनाशक दवाई, समय पर खाद छिड़काव एवं पौधों के संरक्षण हेतु किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए सभी बगवानी मित्रों से क्षेत्र में पौधारोपण हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली. तथा उन्हें फलदार पौधों के समय पर फल उपज एवं उसके विकास हेतु किए जाने वाले कार्यो की जानकारी साझा किया. (नीचे भी पढ़ें)
श्री विश्वकर्मा ने आम बागवानी हेतु किए जा रहे कार्यों को मासिक कार्य के रूप में बताते हुए आम पौधे के समय पर विकास हेतु सभी कार्यों को ससमय पूर्ण करने की बात कही. बैठक में उपस्थित उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार गगराई ने बागवानी मित्रों से वार्ता कर कार्यशाला में दी जा रही जानकारी को अपने आसपास के लाभुकों को भी साझा करने हेतु अपील किया. उन्होंने कहा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बागवानी हेतु लोगों को प्रेरित करना है. उप विकास आयुक्त ने कहा वृक्षारोपण सिर्फ उद्देश्य नहीं पौधों के संरक्षण एवं उससे लाभुकों को आमदनी हो यह सरकार एवं प्रशासन प्रयास कर रही है. इसलिए पौधे लगाएं तो उसके संरक्षण हेतु सभी उपाय करें. उन्होंने कहा अब बागवानी में पौधों के संरक्षण हेतु बगीचे के किनारे किनारे इमारती पौधे जैसे सगवान, सखुवा, शीशम, नीम इत्यादि अवश्य लगाएं जिससे जानवरों से पौधों को बचाया जा सके. उक्त कार्यशाला में उप विकास आयुक्त के साथ डीआरडीए निदेशक उमा महतो, एपीओ सरिता ओरिया, विनोद कुमार एवं सभी बागवानी मित्र, बागवानी सखी एवं बागवानी के लाभुक उपस्थित हुए.





