सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिला के कांड्रा स्थित हरिश्चंद्र विद्या मंदिर में फर्जी ट्रस्ट बनाकर बेशकीमती जमीन एवं स्कूल पर कब्जा करने के मामले में अब प्रशासन का एक्शन शुरू हो गया है. सरायकेला एसडीओ ने स्थानीय पुलिस एवं अंचल अधिकारी को निर्देश देते हुए पूरे मामले का विस्तृत रिपोर्ट मांगा है. यह कार्रवाई स्थानीय लोगों और स्वर्गीय हरिश्चंद्र वार्ष्णेय के पौत्र राजकुमार वार्ष्णेय के आवेदन पर अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला ने स्कूल परिसर में विधि व्यवस्था भंग होने की आशंका देखते हुए स्थानीय थाना प्रभारी और गम्हरिया अंचलाधिकारी को अविलंब पूरे मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. अपने निर्देश में अंचलाधिकारी और कांड्रा थाना प्रभारी को निर्देशित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा है कि स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की गई है कि स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. ऐसे में प्रतीत होता है कि कभी भी स्कूल परिसर में विधि- व्यवस्था भंग हो सकती है. अतः पूरे मामले की शीघ्र जांच कर अपना मंतव्य सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है. ताकि इस मसले पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके. ज्ञात हो कि कांड्रा स्थित हरिश्चंद्र विद्या मंदिर में एक बिल्डर द्वारा फर्जी तरीके से ट्रस्ट बनाकर स्कूल एवं उसके अचल संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. जब इसकी जानकारी स्कूल के संस्थापक हरिश्चंद्र वार्ष्णेय के परिजनों को मिली तो उन्होंने शिक्षा मंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई. (नीचे भी पढ़ें)

अपने आवेदन में राजकुमार वार्ष्णेय ने आरोप लगाया है कि फर्जी ट्रस्ट बनाने के दौरान स्कूल के संस्थापकों के हवाले से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जमा कराया गया है. जिसमें फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं. आरोप है कि बिल्डर द्वारा असामाजिक तत्वों का जमावड़ा स्कूल परिसर में लगाया जाता है. जिसको लेकर स्थानीय लोग काफी खफा हैं और कभी भी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इधर इस मामले को लेकर स्थानीय लोग भी कमर कस लिए हैं और जगह- जगह बैठकों का दौर चल रहा है. लोग किसी भी हाल पर बिल्डर की मंशा को सफल होने नहीं देना चाहते हैं. लोगों का आरोप है कि बिल्डर की मंशा स्कूल को चलाने भर की नहीं है, बल्कि स्कूल की लगभग 3:2 एकड़ बहुमूल्य जमीन पर उसकी पैनी नजर है. पूर्व में भी उक्त बिल्डर के द्वारा आसपास के क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदी गई है और बिल्डर पर कई तरह के गंभीर आरोप भी हैं. स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है. इसी के तहत अनुमंडल पदाधिकारी ने थाना प्रभारी और अंचलाधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा है. जांच के उपरांत दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.



