शार्प भारत डेस्क : भगवान शिव की आराधना का पावन महीना सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त तक रहेगा. सावन के महीने को चातुर्मास का दूसरा महीना भी माना जाता है. इस पूरे मास में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने का विधान है. कहा जाता है कि यह महीना भगवान शिव को अधिक प्रिय है. मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की भक्ति कता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है. साथ ही सावन के महीने में आने वाले का भी महत्व काफी बढ़ जाता है. इस बार सावन में कुल चार सोमवार रहने वाले है और पहला सोमवार 3 अगस्त को होगा. इस बार सावन के पहले सोमवार का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन एकसाथ छह शुभ योग रहने वाले है. इसमें प्रीति योग, आयुष्मान योग, सकुर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग एकसाथ रहने वाले है. इस दुर्लभ संयोग में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा और उनका अभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्त होगी. ज्योतिष का मानना है कि सोमवार पर इस तरह का शुभ संयोग लंबे समय के बाद देखने को मिल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 01 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक
संध्या काल मुहूर्त : शाम 7 बजकर 11 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 14 मिनट तक
सावन में पहले दिन करें भगवान शिव की पूजन : सावन में पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें. इसके बाद अपने घर के आसपास के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का गंगाजल और दूध से जलाभिषेक करें. इसके बाद शिवलिंग पर सभी तरह की पूजा सामग्री को अर्पित करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें.




