
जमशेदपुर : भारतीय स्टेट बैंक (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया-एसबीआइ) द्वारा तैनात किये गये नयी सुरक्षा एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ द्वारा सभी सुरक्षा गार्डों को पुन: नियुक्ति देने के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में इन सुरक्षाकर्मियों ने जमशेदपुर के डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन किया. इन लोगों ने एक ज्ञापन सौंपा है. इसमें कहा है कि वे लोग सीआइेसएस कंपनी के सुरक्षा गार्ड के रूप में स्टेट बैंक के एटीएम में पिछले साढ़े तीन साल से लगातार कोरोना काल में काम करते आ रहे है. 8 फरवरी को यह पता चला कि अब नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ को यह अधिकार दे दिया गया है. नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के पदाधिकारी ने उन सभी सुरक्षा गार्ड को होटल देवदत में 8 फरवरी को एक बैठक के लिए बुलाया. सभी 175 सुरक्षा प्रहरी ने आपस में एक बैठक कर तय किया कि नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रहरी के तरफ से चार लोग सोमनाथ सिंह, कुमोद कुमार, प्रफुल कुमार, प्रितेश कुमार जाएंगे, जिसके बाद 8 फरवरी को सभी सुरक्षा गार्ड चार लोग दिन के लगभग 11:30 बजे साकची स्थित होटल देवदत में नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के अधिकारियों के साथ बैठक की. जहां नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के अधिकारी देवाशीष कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर आप सबों को भारतीय स्टेट बैंक, जमशेदपुर के एटीएम में सुरक्षा प्रहरी का कार्य करना है तो प्रत्येक सुरक्षा प्रहरी को 25 हजार रुपये नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ कंपनी को देना होगा. सुरक्षा गार्ड लोगों ने नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के पदाधिकारियों को बताया कि उन लोगों ने स्टेट बैंक के एटीएम की सुरक्षा के पूर्व कम्पनी सीआइएसएस या इसके पूर्व कम्पनी एसआइएस को कभी भी किसी प्रकार का नौकरी के नाम पर पैसा नहीं दिया है. चूंकि वे लोग पढ़े-लिखे गरीब परिवार से है इसलिए वे लोग उनसे किसी भी प्रकार के पैसा का डिमांड ना करें, इतनी बात सुनते ही नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के
पदाधिकारी देवाशीष कुमार ने स्पष्ट एवं कड़े शब्दों में कहा कि उन लोगों को टेंडर लेने के लिए बहुत से जगहों पर पैसे देकर कम्पनी ने टेंडर लिया हैं, इसलिए आप सभी को पच्चीस हजार रूपया देना ही होगा, तभी जाकर नयी कम्पनी नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ के सुरक्षा प्रहरी के रूप में कार्य कर सकेंगे. इन लोगों ने कहा कि 1 फरवरी से वे सभी सुरक्षा प्रहरी स्टेट बैंक जमशेदपुर के एटीएम पर लगातार ईमानदारीपूर्वक कार्य कर रहे हैं. सभी सुरक्षा प्रहरी को पूर्व की कम्पनी सीआइएसएस ने लिखित या मौखिक रूप से कोई भी आदेश जारी नहीं किया है और ना ही अभी कि कम्पनी नयी एजेंसी डब्ल्यूडब्ल्यूएसओ द्वारा हम सभी सुरक्षा प्रहरी को ना तो पहचान पत्र और ना ही वर्दी उपलब्ध कराया गया है. 11 फरवरी को सोमनाथ मुखर्जी ने उनको फोन कर साकची बुलाया और स्पष्ट रूप से कहा कि वे लोग जल्द से जल्द 25 हजार रुपये नगद कम्पनी के अधिकारियों को दे दे तब उनके द्वारा उनको कम्पनी का पहचान पत्र और वर्दी दिया जायेगा, वरना आप सभी को जबरन भारतीय स्टेट बैंक, जमशेदपुर एटीएम के सुरक्षा से निकाल दिया जाएगा. इन लोगों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है. इस आंदोलन में अरुण सिंह के अलावा सोमनाथ सिंह, प्रफुल्ल कुमार, रितेश कुमार, मोहित राज, राकेश कुमार सिंह, सरस्वती, मीना कुमारी, जेबा परवीन, बिंदिया पटेल, दिलीप कुमार, पंकज कुमार, विशाल कुमार, अरविंद गिरी, दिलीप कुमार राय, अमित सिंह, अभय कुमार, अमित कुमार, मनोज गुप्ता, अनिल कुमार यादव समेत अन्य लोग शामिल थे.







