
धालभूमगढ़ : एक तरफ जहां राज्य में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों को सरकार की गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन कराने में जुटा है, वहीं शनिवार को धालभूमगढ़ बीआरसी कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं. दरअसल प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नरेश राम ने एक नोटिस जारी कर धालभूमगढ़ प्रखंड के साथ-साथ गुड़ाबांदा प्रखंड की चार पंचायत के स्कूलों के शिक्षकों को जुलाई माह के अनुपस्थिति विवरणी, वार्षिक वेतनवृद्धि सहित स्कूलों की विभिन्न रिर्पोट जमा करने के लिए शनिवार को धालभूमगढ़ बीआरसी कार्यालय बुलाया था. इस दौरान स्थिति यह रही कि रिपोर्ट और अनुपस्थिति विवरणी जमा करने में कार्यालय में शिक्षकों का जमावड़ा लग गया और सभी ने कोरोना संक्रमण को भूलकर जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की ध्वज्जियां उड़ाई. जबकि, सरकारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोरोना काल में सभी कार्यालय को ऑनलाइन रिपोर्ट संग्रहित किया जाना है, ताकि भीड़ जमा न हो. वहीं सबसे अधिक कोरोना के मामले भी लगातार पूर्वी सिंहभूम जिले से ही आ रही हैं फिर भी लोगों की लापरवाही देखने को मिल रही है. कोरोना काल में सतर्क रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं बल्कि आम लोगों की भी है. वही इस संबंध में धालभूमगढ़ के बीईईओ नरेश राम ने कहा कि उन्होंने कोई बैठक नही बुलाई थी, सिर्फ जुलाई माह की अनुपस्थिती विवरणी समेत अन्य दस्तावेज कार्यालय में जमा करने की बात कही है. कहा कि आज सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही कागजात जमा लिया गया है. कार्यालय का मुख्य गेट बंद था, ग्रिल से ही शिक्षकों से कागजात लिए गये हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने ही सोसल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया. घर जल्द लौटने की चाह में शिक्षकों ने ही कार्यालय के बाहर भीड़ जमा कर दिया तो इसमें वह क्या कर सकते है.





