
जमशेदपुर : टाटा समूह की बड़ी कंपनी में शुमार टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने नौकरी देने का फैसला लिया है. रतन टाटा ने नौकरियों में हो रही छंटनियों पर कड़ी आपत्ति जतायी थी तो टाटा समूह ने अपने पुरोधाओं के मार्ग पर चलते हुए इस संकट की घड़ी में लोगों को नौकरी देने का फैसला लिया है. वैसे समय में जब पूरी दुनिया में नौकरियां कम हो रही है. नौकरियां ली जा रही है. उसके ठीक उलट टाटा समूह की बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नौकरी देने की तैयारी की है. करीब 40 हजार नौकरियां देने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने योजना बनायी है. वो भी सारी बहालियां इसी साल पूरी की जानी है. कंपनी के घाटे के बीच में यह नौकरियां दी जा रही है. वैसे टाटा समूह ने अपने लागत खर्च में कटौती करते हुए अपने अधिकांश कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्राम होम) करने का ही ऑफर दे दिया है. 2025 तक टीसीएस के करीब 75 फीसदी कर्मचारियों को घरों से ही काम करने की हिदायत दी गयी है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, टीसीएस इसके लिए कैंपस सेलेक्शन भी विभिन्न कंपनियों में करने जा रही है. देश और विदेशों के संस्थाओं में यह नियुक्तियां ली जायेगी, जो कैंपस के जरिये की जायेगी. 40 हजार से ज्यादा भी नौकरियां देने की योजनाएं बना सकती है. टीसीएस को यह भरोसा है कि आने वाले दिनों में कंपनी का बाजार और बेहतर होने जा रहा है और इससे नयी नौकरियां दी जा सकती है. टीसीएस अमेरिका की दस बड़ी बिजनेस स्कूल के छात्रों का भी कैंपस सेलेक्शन कर रही है. वैसे आपको बता दें कि टीसीएस ने करीब 20 हजार नौकरियां पहले अमेरिकियों को 2014 से लेकर अब तक दे चुकी है. बताया जाता है कि अगस्त से इसकी ब हाली शुरू हो जायेगी. सभी का डिजिटल इंटरव्यू लिया जायेगा और उनके परफार्मेंस के आधार पर बहाली ली जायेगी.




