जमशेदपुर : श्रीनाथ विश्वविद्यालय जमशेदपुर में बहुप्रतीक्षित तीन दिवसीय टेक फेस्ट टेकरूट 3.0 का शानदार आगाज उद्घाटन समारोह के साथ हुआ. यह आयोजन झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मंच साबित हो रहा है. इस बार देशभर के 100 से अधिक स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों से 1500 से ज्यादा छात्रों ने पंजीकरण कराया है. इतनी बड़ी भागीदारी ने इसे प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी महोत्सव बना दिया है. कार्यक्रम के पहले दिन सीएसआइआर-एनएमएल, जमशेदपुर के वैज्ञानिक डॉ. विनोद बेलावंशी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. (नीचे भी पढे़ं)

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन के साथ की गई जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. विनोद बेलावंशी के साथ श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुखदेव महतो, कुलपति प्रोफेसर डॉ एसएन सिंह, एसोसिएट डीन अकादमिक्स डॉ भाव्या भूषण, डीन एडमिनिस्ट्रेशन जे राजेश, रजिस्ट्रार, हेड एचआर, विभिन्न डीन, विभागाध्यक्ष और स्कूल प्रमुखों द्वारा संयुक्त रूप से उपस्थित रहे. उद्घाटन सत्र के दौरान दर्शकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ विनोद बेलावंशी ने कहा कि श्रीनाथ विश्वविद्यालय विविध संस्कृतियों और विभिन्न शैक्षणिक अनुशासनों का संगम है, जो इस विश्वविद्यालय को विशिष्ट बनाता है. यहां के छात्रों में नई तकनीक विशेषकर चिप्स और सेमीकंडक्टर्स के साथ काम करने की भरपूर क्षमता है. (नीचे भी पढे़ं)

अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में यह क्षमता निश्चित रूप से बड़ा लाभ साबित होगी जिससे विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान मिलेगी. टेकरूट 3.O के पहले दिन ब्रिजकृति, टेक्निकल क्विज, सुडोकू पज़ल, सॉल्व द रूबिक्स और ई-गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ. बड़ी संख्या में छात्रों ने इनमें हिस्सा लिया और अपनी तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता से सभी को प्रभावित किया. कुलाधिपति सुखदेव महतो ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और आईटी के सभी प्रोफेसरों और विभागाध्यक्षों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी. वहीं कुलपति प्रोफेसर डॉ एसएन सिंह ने छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडलों की सराहना की और कहा कि श्रीनाथ विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है. (नीचे भी पढे़ं)
फेस्टिवल के आने वाले दो दिनों में और भी कई दिलचस्प तकनीकी प्रतियोगिताएं, वर्कशॉप और इनोवेशन आधारित गतिविधियां शामिल होंगी. छात्रों में इस आयोजन को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है. परिसर का हर कोना रचनात्मकता और नवाचार की ऊर्जा से भरा हुआ है. प्रतियोगिताओं की तैयारी और मॉडलों की प्रस्तुति में छात्र दिनभर सक्रिय नज़र आए. आयोजकों ने बताया कि टेकरूट 3.0 का उद्देश्य छात्रों में तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना, नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना और सहयोगात्मक शिक्षण की संस्कृति विकसित करना है. यह आयोजन युवाओं के लिए केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं बल्कि उनके सपनों को तकनीकी हकीकत में बदलने का अवसर है.



