जमशेदपुर : “शिक्षण-अधिगम और रिसर्च में एआइ की शक्ति का उपयोग” पर पांच-दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीबी) आज श्रीनाथ विश्वविद्यालय में वर्चुअल मोड में सफलतापूर्वक आरंभ हुआ. यह कार्यक्रम श्रीनाथ विश्वविद्यालय के फिजिक्स विभाग द्वारा श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सहयोग से आयोजित किया गया है. पहले दिन का तकनीकी सत्र रिसोर्स पर्सन डॉ एम मालथी, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट और एसोसिएट प्रोफेसर (एसीएसआइआर), सीएसआइआर–नेशनल मेटालर्जिकल लेबोरेटरी, जमशेदपुर द्वारा आयोजित किया गया. डॉ. मालथी ने औद्योगिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए अपनी बातो को रखा. (नीचे भी पढ़े)
उद्घाटन सत्र की शुरुआत श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने आधुनिक शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और उभरते टेक्नोलॉजी में शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया. श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसएन सिंह ने उदघाटन भाषण दिया. अपने वक्तव्य में, डॉ. सिंह ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं और अनुसंधान पद्धतियों को नया आकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। उद्घाटन सत्र में श्रीनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. याह्या मजूमदार, फैकल्टी सदस्यों, शोधार्थियों, प्रोजेक्ट फेलो और विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों की उपस्थिति रही. सत्र का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसके बाद धन्यवाद ज्ञापन किया गया. यह एफडीपी 24 जनवरी तक चलेगा और इसमें शिक्षण, अधिगम, डेटा हैंडलिंग और अनुसंधान में एआई के प्रयोगों से संबंधित विभिन्न विषयों को शामिल किया जाएगा.



