रांची : सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को झारखंड में हाई स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित मामले में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता में सुनवाई हुई. जिसमें कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि बची हुई वेकेंसी को तीन माह में पूरा किया जाना है. वहीं वेकेंसी मेरिट लिस्ट के आधार पर होगी. वहीं कोर्ट ने यह भी कहा कि जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, वे सुरक्षित है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की वर्ष 2016 में बनी नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था, लेकिन इस नीति से अनुसूचित जिलों में हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को बरकरार रखा था. (नीचे भी पढ़ें)
अदालत ने बाकी अभ्यर्थियों के लिए राज्य स्तर पर मेरिट लिस्ट तैयार कर उनकी नियुक्ति करने का निर्देश दिया था. इस आदेश का पालन न होने पर सोनी कुमारी एवं अन्य अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की थी. बीते 28 नवंबर को इसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव को सशरीर उपस्थित होने को कहा था. वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 2 दिसंबर को हुई थी. जिसमें कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उनकी अलग मेरिट लिस्ट तैयार करें और उन्हें यह विकल्प दिया जाए कि वे किस जिले में कार्य करना चाहते है.




