
मुंबई : टाटा समूह की ओर से खरीदे गये एयर इंडिया की ओर से देश के सीसीआइ यानी कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग) में एक आवेदन देकर टाटा समूह की ही कम खर्चे वाली विमानन कंपनी एयर एसिया इंडिया का समायोजन (एयर इंडिया द्वारा अधिग्रहण) करने की इच्छा जतायी है. इसके तहत कहा गया है कि टाटा संस की ओर से लिये गये एयर इंडिया कंपनी एयर एसिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का पूरी तरह अधिग्रहण करना चाहती है. वर्तमान में एयर एसिया इंडिया का 83.67 फीसदी शेयर टाटा समूह के पास है. दोनों के मिल जाने से भारत की कुल उड़ानों का 15.7 फीसदी उड़ान बाजार में हिस्सेदारी टाटा समूह की हो जायेगी. एयर इंडिया एक्सप्रेस भी एक कंपनी एयर इंडिया की है, जो सिर्फ भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ान भरती है. एयर एसिया में टाटा समूह का 83.67 फीसदी शेयर दिसंबर 2020 में हुआ. 16 फीसदी शेयर मलेशियन एयरलाइन ग्रुप बरहेद के पास है, जिसका अधिग्रहण भी टाटा समूह द्वारा कर ली जायेगी. टाटा समूह की एक और उड़ान कंपनी है विस्टारा, जिसमें टाटा समूह का 51 फीसदी शेयर है जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास 49 फीसदी शेयर है. इसका भी भविष्य में समायोजन संभव हो सकता है. बताया जाता है कि टाटा समूह अपनी सारी उड़ानों की सेवाओं को एक साथ कर एक ही ऑफिस से संचालित करना चाहती है, जिसमें एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, विस्तारा, एयर एसिय इंडिया और ग्राउंड हैंडलिंग फर्म एआइएसएटीएस शामिल है. बताया जाता है कि टाटा समूह गुड़गांव में 70 हजार वर्ग फीट में एक ऑफिस बनाने जा रही है, जिसमें टाटा समूह की सारी उड़ानों का एक संयुक्त ऑफिस स्थापित किया जायेगा. वर्तमान में एयर इंडिया का हेड ऑफिस सेंट्रल दिल्ली में स्थापित है, जो पहले मुंबई के नरिमन प्वाइंट बिल्डिंग में थी. एयर इंडिया एक्सप्रेस का ऑफिस कोच्ची में है. टाटा समूह की एयर एसिया का ऑफिस बेंगलुरु में है जबकि विस्तारा कंपनी का ऑफिस गुड़गांव में है.




