
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के ग्रेड रिवीजन समझौता के बाद टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन में एक बार फिर से माहौल गर्माने लगा है. यूनियन के अहम किरदार और सलाहकार प्रवीण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. प्रवीण सिंह ने अपने इस्तीफा में कहा है कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह मजदूर हित में लिया है क्योंकि उनको यह लगता है कि टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन अपने मकसद से दूर हो चुकी है. अगर यूनियन को कर्मचारियों के हितों का ध्यान होता तो ग्रेड रिवीजन तीन साल करती जबकि चार साल पर समझौता कर लिया गया. इससे कर्मचारियों को नुकसान हुआ जबकि पहले तय हुआ था कि तीन साल के लिए ही समझौता किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस्तीफा के बाद से वे सारी गतिविधियों से अपने आपको अलग क लिये है. उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स के कर्मचारियों के हक की लड़ाई जैसे पहले लड़ते थे, वैसा लड़ते रहेंगे. आपको बता दें कि टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन में अहम योगदान प्रवीण सिंह का रहा है. प्रवीण सिंह वहीं शख्स है, जो टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन में गुरमित सिंह तोते और आरके सिंह को पद पर आसीन टेल्को वर्कर्स यूनियन में कराया, फिर श्रम कानूनों के जानकारी का लाभ देते हुए आरके सिंह और गुरमित सिंह तोते की जोड़ी को टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन बनाने को कहा और फिर यूनियन को और मजबूत बनाया. वे चाणक्य के तौर पर जाने जाते थे.






