जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों के मासिक वेतन से उनकी मर्जी के बिना अवैध कटौती करने का मामला सामने आया है. टेल्को वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष आकाश दुबे और सदस्य हर्षबर्धन ने संयुक्त रूप से एक शिकायत श्रम विभाग समेत अन्य विभागों से की है. शिकायत में लोगों ने बताया है कि मेडिकल सपोर्ट स्कीम के तहत टाटा मोटर्स के मजदूरों के वेतन से हर माह 500 रुपए की कटौती कर एक सामूहिक फंड का निर्माण कर स्वयं सहयता सोसाईटी की तरह, मेडिकल जरूरत के समय जरूरतमंद सदस्यों की इससे सहायता की जाती थी. कर्मचारी वेतन से कटौती के लिए अपना कंसेंट नकरात्मक में लिया गया था, यानी जिन्हे यह कटौती नही करानी थी वे लिख कर दे सकतें थे कि उन्हे यह कटौती नही करानी है. (नीचे भी पढ़े)
हालंकि, वेतन भुगतान अधिनियम के अनुसार हर कर्मचारी को निहित प्रावधानों के अतिरिक्त इस प्रकार के किसी भी कटौती के लिए व्यक्तिगत तौर कंसेंट देना आवश्यक है. विगत दिनों मेडिकल सपोर्ट स्कीम में की जानी वालीं कटौती को बिना किसी मजदूरों के कंसेंट के फर्जी यूनियन के मजदूरों की तरफ से स्वीकृत दिए जाने के बाद बढ़ा दिया गया, और इसी प्रकार सुमन्त मुलगावनकर ट्रस्ट की कटौती को बढ़ा दिया गया. लोगों ने शिकायत की है कि अवैध रूप से मजदूरों के इच्छा के विरुद्ध चल रही इस फर्जी यूनियन को मजदूरों के तरफ से इस प्रकार के किसी भी कटौती का स्वीकृति देने का कोई हक नही है. बिना मजदूरों के मंजूरी दिए इस प्रकार का हर कटौती वेतन भुगतान अधिनियम के प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन है. इन लोगों ने मांग की है कि इस कटौती को अविलम्ब मजदूरों को वापस किए जाए और भविष्य में कोई भी कटौती या तो आमसभा के अनुमोदन के बाद या व्यक्तिगत मंजूरी के बाद हीं किया जाए.





