
जमशेदपुर : अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रही टाटा मोटर्स कर्मी आलोक रंजन की पत्नी नीतू सिंह मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत टाटा मोटर्स कंपनी गेट पर अनशन करने पहुंची. जहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से जबरन रोकना चाहा, लेकिन कहते हैं ना जिसका कोई नहीं उसका खुदा होता है. ऐसा ही वाकया वहां देखने को मिला.
जहां मर्दों की इस भीड़ में एक भी मर्द महिला के समर्थन में नहीं उतरा. वहीं पुलिस की बर्बरता देख उधर से गुजर रहे किन्नरों ने मोर्चा संभाल लिया. फिर क्या था किन्नरों ने शुरू कर दिया टाटा मोटर्स गेट पर तांडव. वहीं किन्नरों को तांडव करता देख पुलिसकर्मी पीछे हटने पर मजबूर हो गए. हालांकि काफी देर तक कंपनी गेट पर हंगामा चलता रहा. उधर महिला नीतू सिंह अपने पति के हत्यारों को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर कंपनी गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गई है. फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों टाटा मोटर्स कर्मी आलोक रंजन की संदेहास्पद मौत हो गई थी, जिसका आरोप आलोक रंजन की पत्नी ने कंपनी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों पर लगाया है. वैसे इसको लेकर कर्मचारी की विधवा ने कई अधिकारियों के नाम का खुलासा भी जमशेदपुर पुलिस के समक्ष किया है. जिसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस मामले को लेकर गेट पर सारे लोग जमा है और न्याय की मांग कर रहे है.
क्या है पूरा मामला
टाटा मोटर्स के बाइसिक्स कर्मचारी आलोक रंजन ने आत्महत्या कर ली थी. इस आत्महत्या के बाद उनकी पत्नी नीतू सिंह ने आरोप लगाया है कि टाटा मोटर्स के सुरक्षा अधिकारी विशाल सिंह और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महासचिव आरके सिंह ने संयुक्त रुप से उनके पति का शोषण इतना किया कि उसने आत्महत्या कर ली. इसके अलावा विधवा नीतू सिंह ने बताया कि विशाल सिंह और आरके सिंह सिर्फ नाइट ड्यूटी करने के लिए ही उनके पति को बुलाते थे और उसके (विधवा) के साथ अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे. इसको लेकर काफी जद्दोजहद के बाद टाटा मोटर्स के दोनों ही अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दायर कर दिया गया, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. गिरफ्तारी की मांग को लेकर नीतू सिंह अपने सहयोगियों के साथ आंदोलन कर रही है.





