जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में एक मजदूर की मौत के बाद झारखंड झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कंपनी के जेनरल ऑफिस गेट को जाम कर दिया. इन लोगों ने गेट पर हंगामा किया और मृत मजदूर को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की और तीनों बच्चों को नौकरी देने की मांग की. टाटा स्टील के जेनरल ऑफिस गेट के सामने सारे लोग धरना पर बैठ गये और हंगामा करने लगे. इन लोगों ने बताया कि 20 जनवरी को काम के दौरान झारखंड की राजधानी रांची से सटे सिल्ली के रहने वाले 57 वर्षीय रोबिन महतो टाटा स्टील के भीतर एक दुर्घटना के शिकार हो गये थे. वे 20 साल से एलएंडटी कंपनी के लिए काम करते थे.(नीचे भी पढ़े)

वह काम के दौरान घायल हो गया था, जिसका टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में इलाज चल रहा था. इलाज के बाद उनको 28 फ़रवरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. अस्पताल से घर पर ही वे थे. इसके बाद वे अपना इलाज टीएमएच के ओपीडी में भी कराया. रविवार की देर शाम उनकी हालत ख़राब हुई जिसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने मुआवजा की मांग की. लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं की गयी. इसके बाद जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो आये और सीधे टाटा स्टील के जेनरल ऑफिस गेट पहुंचकर प्रदर्शन किया. इसके बाद परिजनों को तत्काल एक लाख रुपये नगद दिया गया और 15 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कहीं गयी. इसके बाद लिखित समझौता हुआ. फिर 13 से 14 लाख रुपये पीएफ की राशि देने पर सहमति हुई. करीब एक घंटे से अधिक तक हुए हंगामा के बाद मामला शांत हो पाया और आंदोलन समाप्त हुआ.







