
जमशेदपुर : टाटा स्टील लिमिटेड के निदेशक मंडल की मंगलवार को हुई बैठक में 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त तिमाही और नौमाही के लिए कंपनी के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई. वित्तीय वर्ष 2020-2021 के तीसरी तिमाही (अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर 2020 में) सारे टैक्स व देनदारियों के बाद कंपनी का समेकित लाभ, बीते वित्तीय वर्ष 2019-202 की तीसरी तिमाही की तुलना में 4.3 गुना बढ़कर 4,011 करोड़ रुपये हो गया. इसी के साथ प्रमुख संस्थाओं में बेहतर रियलाइजेशन (वसूली) के साथ समेकित एबिटा (सारे कर भुगतान के पूर्व की आमदनी ) भी वर्षवार 2.6 गुना बढ़ कर 9,540 करोड़ रुपये हो गया. चालू वित्तीय वर्ष 2020-2021 के तीसरी तिमाही में मजबूत परिचालन प्रदर्शन, अनुशासित पूंजीगत व्यय और कार्यशील पूंजी प्रबंधन के कारण संचालित समेकित फ्री कैश फ्लो 12,078 करोड़ रुपये और चालू वित्तीय वर्ष के पहले नौमाही (अप्रैल से लेकर दिसंबर 2020 तक) में 20,588 करोड़ रुपये था. कंपनी ने पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देना जारी रखा है. इस तिमाही के दौरान कंपनी ने कैपेक्स पर 1,394 करोड़ रुपये खर्च किए. कंपनी ने टाटा स्टील कलिंगानगर में पिलेट प्लांट और कोल्ड रोल मिल कॉम्प्लेक्स में काम फिर से शुरू करने का फैसला किया है. एक बार पूरा हो जाने पर पिलेट प्लांट और कोल्ड रोल मिल कॉम्प्लेक्स, दोनों, मार्जिन का विस्तार करेंगे. टाटा स्टील के एमडी सह ग्लोबल सीइओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के कारण भारत में स्टील की मांग में तेजी से सुधार हुआ है. हमने अपने स्थानीय ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निर्यात को कम कर अपने डिलीवरीज को हमारे घरेलू बाजारों तक पहुंचाने में जोर दिया. सभी खंडों ने, विशेष रूप से मोटर वाहन ने मजबूत ग्राहक संबंधों, बेहतर वितरण नेटवर्क, ब्रांडों और नए उत्पाद विकास पर हमारे निरंतर ध्यान के कारण बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. व्यापार को जोखिम-रहित बनाने के लिए हमारी विभिन्न पहलकदमियों पर हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं, जबकि हमारे डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म हमें नए बाजारों तक पहुंचने और फ्यूचर रेडी होने में मदद कर रहे हैं. आधारभूत संरचनाओं में निवेश और आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए हाल के नीतिगत विकास से भारत में स्टील की मांग बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा आगे कहा कि बाजार की मजबूत स्थिति और डिलेवरेजिंग में हमारी सफलता को देखते हुए, हमने कलिंगानगर में पिलेट प्लांट और सीआरएम कॉम्प्लेक्स पर काम फिर से शुरू कर दिया है, जिससे लागत कम करने और राजस्व में सुधार करने में मदद मिलेगी. एंटरप्राइज डिलेवरेजिंग प्लान के तहत टाटा स्टील ने चालू वित्त वर्ष के पहले नौमाही में शुद्ध ऋण में 18,609 करोड़ रुपये की कमी की है. इस तीसरी तिमाही के दौरान, कंपनी ने लिवरेज में 10,325 करोड़ रुपये की कमी की. निरंतर डी-लिवरेजिंग रणनीति के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2020-2021 की चौथी तिमाही में आगे भी डी-लिवरेजिंग की जा रही है. टाटा स्टील के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ कौशिक चटर्जी ने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में महामारी के गहरे प्रभाव से उबरने के साथ, टाटा स्टील ने इस तिमाही के दौरान अब तक का सर्वश्रेष्ठ 9,540 करोड़ रुपये के समेकित एबिटा के साथ सबसे अच्छा वित्तीय प्रदर्शन किया है. यह इसके सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रदर्शनों में से एक है. साथ ही इसने भारतीय व्यापार के मजबूत अंतर्निहित परिचालन प्रदर्शन, पूंजी आवंटन और कार्यशील पूंजी प्रबंधन पर गहन ध्यान दे कर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया है. भारत में हमारे सभी ऑपरेटिंग हबों ने असाधारण रूप से 37.5 प्रतिशत पर स्टैंडअलोन एबिटा मार्जिन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है. हमारी प्रमुख सहायक कंपनियों जैसे टाटा स्टील बीएसएल और टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स ने भी हाल के वर्षों में सबसे अधिक लाभप्रदता दर्ज की है. कौशिक चटर्जी ने कहा कि ऋण प्रबंधन पर हमारी उद्यम रणनीति लक्ष्य पर टिकी हुई है. पहली छमाही में शुद्ध ऋण में 8,285 करोड़ रुपये की कमी के बाद, जो एक बिलियन डॉलर के हमारे वार्षिक डी-लेवरेजिंग लक्ष्य को पार कर गया, हमने इस तिमाही के दौरान आक्रामक रूप से अपने शुद्ध ऋण को 10,325 करोड़ रुपये और सकल ऋण को 5,640 करोड़ रुपये तक कम कर रहे हैं, जिससे शुद्ध ऋण में नौमाही कमी 18,609 करोड़ और सकल ऋण में 7,649 करोड़ रुपए की कमी हुई. इससे कंपनी के क्रेडिट मेट्रिक्स में काफी सुधार हुआ है. हमारी कैश फ्लो जेनरेशन मजबूत बनी हुई है और पहले नौ महीनों में डी-लीवरेजिंग के अलावा, हम चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सकल ऋण में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी करेंगे. हमने लक्षित वित्तीय ढांचे के दायरे में भारत में मार्जिन विस्तार विकास परियोजनाओं पर पूंजी आवंटित करना शुरू कर दिया है. टाटा स्टील के साथ टीएस बीएसएल का विलय आगे बढ़ रहा है. टाटा मेटालिक्स और इंडियन स्टील ऐंड वायर प्रोडक्ट्स का टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स के साथ विलय का काम भी जारी है.




