जमशेदपुर : निजी विद्यालयों द्वारा बार-बार पाठ्यपुस्तकों में बदलाव और लगातार बढ़ाई जा रही फीस से अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर चिंता जताई गई है. इस मुद्दे पर क्रांति सिंह ने राज्य स्तर पर स्पष्ट नीति और प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई है. अजितेश उज्जैन ने मांग की गई है कि सीबीएसई, आइसीएसइ और राज्य बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों में संबंधित बोर्ड के अनुसार विषयवार समान पाठ्यपुस्तकों को लागू किया जाए, ताकि एक ही बोर्ड के विभिन्न स्कूलों में अलग-अलग किताबें चलाने की व्यवस्था समाप्त हो सके. इससे अभिभावकों को हर वर्ष नई किताबें खरीदने की मजबूरी से राहत मिल सकेगी और विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक समानता भी सुनिश्चित होगी. इसके साथ ही निजी विद्यालयों में री-एडमिशन शुल्क और बिल्डिंग फंड के नाम पर ली जाने वाली अतिरिक्त राशि को बंद करने की भी मांग की गई है.(नीचे भी पढ़ें)

बबलू झा ने बताया कि इन शुल्कों के कारण शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है. इस संबंध में राज्य सरकार से निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना और पुस्तक चयन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा निगरानी तंत्र विकसित करने की मांग की गई है, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। आज बारीडीह गोलचक्कर पर नुक्कड़ नाटक और भिक्षाटन किया गया और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. कार्यक्रम में मुख्ता कंचन सिंह क्रांति सिंह अजितेश उज्जैन बबलू झा विनोद स्वस्ति मनोज सिंह उज्जैन राजेश चंद्रवंशी संजय सिंह गोपाल लोहार धीरन रविदास सुनील गजेंद्र सिंह मनोज गुप्ता एवं अन्य सम्मिलित हुए.







