
जमशेदपुर : भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने जमशेदपुर में मॉडल कैरियर सेंटर (एमसीसी) की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य नौकरी चाहने वालों को सही कैरियर विकल्प चुनने और उन्हें बेहतर प्लेसमेंट प्रदान करने के लिए मार्गदर्शन या परामर्श का अवसर देना है. इस कड़ी में 25 फरवरी 2022 को, टाटा स्टील फाउंडेशन सीआईआई मॉडल कैरियर सेंटर जमशेदपुर में पहले जॉब फेयर इवेंट की मेजबानी कर रहा है, जहां एमसीसी उद्योग के लोगों को एकल मंच में सही प्रतिभा को नौकरी पर लेने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं. एमसीसी नौकरी चाहने वालों को उनकी प्रोफाइल बनाकर वन स्टॉप कैरियर समाधान प्राप्त करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए उसी दिन अपना मोबाइल एप्लिकेशन भी लांच करने जा रहै है. यह पहल नौकरी चाहने वालों के उच्च स्तर के समूह को एक मंच प्रदान करेगी, जो या तो अनजान हैं या अन्य नौकरी पोर्टलों तक नहीं पहुंच सकते हैं जबकि एमसीसी की सेवाएं सभी नौकरी चाहने वालों के लिए खुली हैं, लेकिन समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिए के वर्गों के युवाओं तक ध्यान केंद्रित किया जाएगा. दूसरी ओर, एमसीसी कौशल के अंतर को कम करने के लिए और सही प्रतिभा को काम पर रखने के लिए उद्योगों को सहायता भी प्रदान करता है. हालांकि किसी भी अन्य उद्योगों की तरह, महामारी के कारण एमसीसी संचालन प्रभावित हुआ है, लेकिन निरंतर प्रयास और कठोर प्रक्रिया के बाद एमसीसी ने विभिन्न उद्योगों को जोड़ा है. विनिर्माण, सेवा, आतिथ्य, खुदरा, ई-कॉमर्स आदि पूर्वी क्षेत्र से आवश्यक कार्यबल को रखने के लिए मुख्य तौर पर संस्था काम कर रही है. पिछले 2 वर्षों में एमसीसी ने 5000 से अधिक उम्मीदवारों को जुटाया है, जिसमें विभिन्न योग्यताएं और कौशल सेट शामिल हैं, जैसे- 10 वीं पास और उससे कम, 12 वीं पास, आईटीआई या पॉलिटेक्निक, स्नातक और स्नातकोत्तर (तकनीकी या गैर-तकनीकी) लोगों को जोड़ा गया है और उनको रोजगार उपलब्ध कराया गया है. अब तक, एमसीसी ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जोमैटो, मानसी, फाइव एस डिजिटल, यस टेक्नो, यूनाइटेड इंफ्राकोर, ऑटोमेक, सोडेक्सो, वाउ मोमोज आदि छोटी बड़ी कंपनियों में 300 उम्मीदवारों को सफलतापूर्वक नौकरी पर रखवाने में सफलता पायी है. आने वाले 3 वर्षों में एमसीसी के पास 30,000 युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य है. भारत के पूर्वी क्षेत्र और पूरे भारत में उद्योगों की कार्यबल आवश्यकताओं की सहायता से रोजगार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बेहतर रोजगार के अवसर पैदा करना और आजीविका बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करना ही इसका उद्देश्य है. एक तरह से उद्योग या संगठनों के साथ बेरोजगारों का मिलान करने का एक बड़ा प्लेटफार्म तैयार किया गया है.




