
जमशेदपुर : टाटा स्टील के बंद पड़े डी ब्लास्ट फर्नेस प्लांट में अपने प्रेमी बादल हांसदा (सरायकेला-खरसावां जिले के आरआइटी थाना अंतर्गत काशीडीह निवासी) के हमले में घायल 28 वर्षीय आदिवासी ठेका महिला मजदूर लक्ष्मी सोरेन (जमशेदपुर के भिलाई पहाड़ी निवासी) ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया. प्रेमी ने प्लांट के भीतर ही उस पर लोहे से हमला कर दिया था, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गयी थी. 15 फरवरी को प्रेमी ने सिर्फ इसलिए हमला कर दिया था क्योंकि लक्ष्मी सोरेन ने अपने प्रेमी से वैलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी को बात तक नहीं किया था और प्रेमी के शादी के प्रस्ताव को इनकार कर दिया था. लक्ष्मी सोरेन की मौत की खबर सुबह करीब साढ़े दस बजे परिजनों को दिया गया. इस मामले में प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इसके बाद शव को परिजनों ने शीतगृह में रख दिया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा. लक्ष्मी सोरेन की मौत की खबर पर टाटा स्टील के प्रवक्ता कुलविन सुरी ने कंपनी की ओर से बयान जारी करते हुए कहा कि यह दुखद घटना है. काफी प्रयासों के बावजूद उसको नहीं बचाया जा सका, जिसका अफसोस है. कंपनी ने इसको दुखद बताया है और कहा है कि दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उनके परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है. कंपनी ने साफ कर दिया है कि पीड़ित परिवार को कंपनी के कानून के मुताबिक, सारे सपोर्ट और सारे बेनीफिट दिया जायेगा. टाटा स्टील ने कहा है कि कंपनी को सुरक्षित कार्यस्थल बनाये रखने के लिए कंपनी कृतसंकल्पित है. गौरतलब है कि, 15 फरवरी 2020 को टाटा स्टील के डी ब्लास्ट फर्नेस में लक्ष्मी सोरेन को गंभीर रुप से घायल हालत में बरामद किया गया था. उसको तत्काल टीएमएच ले जाया गया था, जहां उसका इलाज किया गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी ही रही, लेकिन उसको होश नहीं आ पाया. इस मामले में झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद गंभीरता दिखाते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश जमशेदपुर पुलिस को दिया और टाटा स्टील को कहा कि वे समुचित इलाज का बंदोबस्त करें. इस पर जमशेदपुर पुलिस ने 24 घंटे में प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसने लड़की पर सिर्फ इसलिए हमला किया था क्योंकि लड़की उक्त प्रेमी के एकतरफा प्यार में साथ नहीं दे रही थी. खाली स्थान पाकर उसने लड़की पर हमला कर दिया था. लक्ष्मी सोरेन जमशेदपुर के भिलाई पहाड़ी स्थित अपनी बहन के घर पर रहकर टाटा स्टील में ठेका मजदूर का करती है जबकि लक्षमी सोरेन खुद गालूडीह स्थित केशरपुर गांव की रहने वाली है, जिसकी शादी तक नहीं हुई थी. वैसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया प्रेमी बादल हांसदा खुद शादीशुदा था.
बेटी की हत्या प्रेमी द्वारा करने और टाटा स्टील और ठेका कंपनी पर लापरवाही का पिता ने लगाया आरोप, बिष्टुपुर थाना में केस
टाटा स्टील में लक्ष्मी सोरेन की हत्या के मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की गयी है, लेकिन इसको लेकर अब तक परिवार की ओर से कोई एफआइआर नहीं किया गया था. टाटा स्टील के सुरक्षा विभाग की ओर से दुर्घटना बताकर केस किया गया था. लेकिन बेटी की मौत के बाद गालूडीह के केशरपुर गांव निवासी पिता मेघलाल सोरेन ने अपनी बेटी की मौत को लेकर बुधवार को हत्या का मुकदमा दायर किया है. बिष्टुपुर थाना में दायर मुकदमा में उसने आरोप लगाया है कि उसके प्रेमी ने हमला किया, जिससे बेटी की मौत हो गयी, लेकिन टाटा स्टील और ठेका कंपनी के प्रोपराइटर भीम सिंह मुंडा की ओर से किसी तरह का सहयोगात्मक कार्रवाई नहीं की गयी और न ही इस घटना के बाद उनको कोई जानकारी दी गयी. इसमें टाटा स्टील और ठेका कंपनी की लापरवाही बताते हुए केस दायर किया गया है. एफआइआर करने के लिए जब पिता और उनके परिवार के लोग बिष्टुपुर थाना पहुंचे तो उनके साथ झामुमो के नेता महावीर मुर्मू समेत अन्य लोग भी थे. इससे पहले लड़की को देखने के लिए मंत्री चंपई सोरेन, विधायक सह झामुमो जिला अध्यक्ष रामदास सोरेन टीएमएच जा चुके थे.




