
जमशेदपुर : कोविड-19 महामारी की इस अवधि में सभी संबंधित व्यक्तियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टाटा स्टील भुवनेश्वर और टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट्स (साहित्यिक सम्मेलन) का 2021 संस्करण फिलहाल के लिए स्थागित कर दिया गया है. टाटा स्टील भुवनेश्वर लिटरेरी मीट और टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट को इस विश्वास के साथ क्रमशः 2016 और 2017 में लांच किया गया था कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों जैसे ओड़िशा और झारखंड को एक ऐसे त्योहार की आवश्यकता है, जो साहित्यिक और संबद्ध सांस्कृतिक गतिविधियों, जैसे-नृत्य, संगीत, सस्वर पाठ और नाट्य प्रदर्शन का जश्न मनाएगा. इसके पीछे ओड़िशा और झारखंड को व्यापक वैश्विक दर्शकों तक ले जाने और दुनिया को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पूर्वी भारत के इन दोनों राज्यों के करीब लाने का विचार था. अपनी शुरूआत के बाद से लिटरेरी मीट ने भारत और दुनिया भर के प्रमुख लेखकों और वक्ताओं को आकर्षित किया है, जिनमें मनोज दास, रस्किन बॉन्ड, जयंत महापात्रा, सीताकांता महापात्रा, रमाकांत नाथ, नयनतारा सहगल, किरण नागरकर, शर्मिला टैगोर, इलियाना क्रिस्टी, मार्क टुली, नंदिता दास, अमोल पालेकर, उदय प्रकाश, हरिवंश नारायण सिंह, जयराम रमेश, देवदत्त पट्टनायक, महादेव टोप्पो, अश्विनी कुमार पंकज, वंदना टेटे और रेखा भारद्वाज जैसी कई अन्य प्रख्यात हस्तियां शामिल हुई हैं. यह हमारे लिए गर्व की बात है कि लिटरेरी मीट भुवनेश्वर (ओडिशा) और रांची (झारखंड) के वार्षिक सांस्कृतिक कैलेंडर का एक अभिन्न हिस्सा बन गई हैं और लोगों के भारी रिस्पांस हमें प्रोत्साहित करती है कि हम प्रतिभागियों की सतत उच्च गुणवत्ता और स्थानीय सांस्कृतिक लोकाचार के साथ एक अंतर्निहित संबंधों पर अपना जोर कायम रखें. मीट स्थागित होने पर टाटा स्टील कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाईस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी ने कहा कि इस वर्ष कोविड-19 महामारी को देखते हुए टाटा स्टील भुवनेश्वर और झारखंड लिटरेरी मीट की मेजबानी करने में असमर्थ होने के कारण हम वास्तव में निराश हैं. एक जिम्मेदार कारपोरेट के रूप में, हमारे संरक्षकों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चिंता है. हमें उम्मीद है कि हमारे सभी स्टेकहोल्डरों की बढ़ती भागीदारी के साथ इस प्रीमियर लिटरेरी मीट के अगले संस्करण के साथ हम शानदार वापसी करेंगे. टाटा स्टील भुवनेश्वर और झारखंड लिटरेरी मीट की डायरेक्टर मालविका बनर्जी ने कहा कि महामारी को देखते हुए जनवरी 2021 में होने वाले टाटा स्टील भुवनेश्वर और झारखंड लिटरेरी मीट की योजनाओं को स्थापित किया गया है. यह साहित्यिक त्योहार भुवनेश्वर और झारखंड में भारतीय एवं विदेशी लेखकों और वक्ताओं की मेजबानी कर रहा था, ताकि वहां के कुशाग्र दर्शकों को उन्हें सुनने और उनसे मिलने का मौका मिले. जब इसी प्रकार की सार्थक बातचीत एक बार फिर से संभव होगा, तब नए वक्ताओं, नई प्रस्तुतियों और नई ऊर्जा के साथ हम वापस आएंगे। तब तक के लिए सुरक्षित रहें और पढ़ते रहें.




