
जमशेदपुर : देश की बड़ी स्टील निर्माता कंपनी टाटा स्टील ने मंदी और कोरोना संकट काल के बीच नये ऑफिसरों को कंपनी में बहाल करने का फैला लिया है. कंपनी की ओर से 96 ऑफिसरों की बहाली के लिए ऑनलाइन परीक्षा अप्रैल और मई माह में ली थी. इसके आधार पर सभी की बहाली की जा रही है. इसमें मैनेमजेंट ट्रेनीज भी शामिल है. इधर जून माह तक 25 और नये बहाल होने वाले ऑफिसरों की बहाली संभव है. इसके अलावा टाटा स्टील ने 76 इनटर्न बिजनेस स्कूल और 90 टेक्निकल इनटर्न की बहाली कुछ सप्ताह में बिजनेस स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन कैंपस सेलेक्शन के माध्यम से करने का फैसला लिया है. टाटा स्टील ने कोरोना संकट के पहले से ही इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन यह संभावना जतायी जा रही थी कि कंपनी नयी बहाली नहीं करेगी, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से बहाली की जायेगी, यह जानकारी दे दी गयी है. टाटा स्टील में नये योगदान देने वाले ऑफिसरों की ट्रेनिंग और ओरिएंटेशन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को बहाल की है. डिजिटल तरीके से सबको कंपनी में योगदान कराया जायेगा. वैसे एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि भी की है कि वे नयी ज्वाइनिंग कराने जा रहे है. वेबिनार के माध्यम से एक दिन का ओरिएंटेशन कार्यक्रम होगा ताकि सबको नेतृत्व क्षमता को विकसित की जाये और कंपनी के बारे में भी जानकारी दी जा सके. इसके अलावा टाटा स्टील ने जमशेदपुर और कलिंगानगर समेत तमाम माइनिंग क्षेत्र में अपने अस्पतालों में 12 चिकित्सकों और वायरोलॉजिस्ट को बहाल किया है. वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने बताया है कि अभी कंपनी के भीतर 40 फीसदी शॉप फ्लोर में मजदूरों और ऑफिसरों को बुलाया जा रहा है और बाकि को वर्क फ्राम होम की सुविधा दी है. वैसे टाटा स्टील ने दावा किया है कि करीब 3000 ठेका कर्मचारियों को उन लोगों द्वारा नौकरी दी गयी है.
वर्क फ्राम होम और स्पेशल लीव को लेकर टाटा स्टील ने दिखायी सख्ती
टाटा स्टील ने वर्क फ्राम होम और स्पेशल लीव को लेकर अपनी सख्ती दिखायी है. इसके लिए नया निर्देश जारी किया गया है. इसके तहत यह साफ किया गया है कि जो भी कर्मचारी अपने निजी कारणों से बाहर है या किसी यात्रा पर है तो उनको वर्क फ्राम होम या स्पेशल लीव नहीं दी जायेगी. अगर कोई व्यक्ति अभी क्वारंटाइन में भी होगा तो उनको स्पेशल लीव या वर्क फ्राम होम की सुविधा नहीं दी जायेगी. इमरजेंसी के हालात में कर्मचारियों या अधिकारियों को आइएल-1 स्तर के अधिकारी या वीपी स्तर के अधिकारी से इसकी मंजूरी लेनी होगी. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी बिना किसी इजाजत के यात्रा करता है तो उसको इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा. कर्मचारियों को अपने रोस्टर के हिसाब से अपनी ड्यूटी पर आना है. बिना पूर्व सूचना के गायब होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.





