
जमशेदपुर : देश की बड़ी निजी स्टील कंपनी टाटा स्टील ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक अहम कदम उठाने जा रही है. टाटा स्टील कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए कंपनी के सारे प्लांट में इस्तेमाल होने वाले ईंधन या गैस की मात्रा को घटाने वाली है. कालांतर में अपने सारे ऑपरेशन को ही बदलने की तैयारी की जा रही है. टाटा स्टील ने दीर्घकालिक योजना पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम कर दिया जाये और उसके जगह पर प्राकृतिक गैस (नेचुरल गैस) का इस्तेमाल शुरू किया जा सके. टाटा स्टील ने इसका स्टडी कराया है कि किस तरह नेचुरल गैस का इस्तेमाल कर प्लांट को संचालित किया जा सकता है और प्रयोग के तौर पर इसका इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है. टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के अलावा टाटा स्टील के ओड़िशा कलिंगानगर प्लांट, टाटा स्टील के भूषण स्टील और अधिग्रहित उषा मार्टिन टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट लिमिटेड में इस तरह के नेचुरल गैस का इस्तेमाल किया जाना है. कितना नेचुरल गैस की जरूरत होगी, यह उपयोगी हो सकेगा या नहीं और तकनीकी तौर पर कितना यह कारगर साबित होगा और आर्थिक तौर पर कंपनी के लिए यह फायदेमंद होगा या नहीं, इन सारी चीजों को भी कंपनी देखने वाली है. इसके लिए टाटा स्टील के वीपी शेयर्ड सर्विसेज की ओर से एक कमेटी बनायी गयी है, जो इसकी विस्तृत रिपोर्ट 31 अगस्त 2021 तक इस कमेटी को सौंपने को कहा गया है. यह टीम वीपी शेयर्ड सर्विसेज के नेतृत्व में काम करेगी. इस कमेटी में चीफ फ्यूल मैनेजमेंट संजय सिंह को लीडर बनाया गया है जबकि हेड कारपोरेट सस्टेनेबिलिटी प्रोजेक्ट अमित कुमार को संयोजक बनाया गया है. इसके अलावा इस कमेटी में चीफ आयरन मेकिंग टेक्नॉलॉजी ग्रुप एएस रेड्डी, चीफ लीगल काउंसल कांट्रैक्ट आलोक कुमार, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट के डीजीएम यूटिलिटीज बीएम वोरा, टाटा स्टील भूषण स्टील के सीनियर डीएम एनर्जी और फ्यूल मैनजेमेंट गौतम नायडू, हेड एनर्जी मैनेजमेंट सेंटर एच अमरनाथ व्यास, टाटा स्टील भूषण स्टील के सीनियर इंजीनियर एनर्जी और फ्यूल मैनेजमेंट मनीष कुमार, इंडस्ट्रियल के सीनियर सोर्सिंग मैनेजर प्रकाश कुमार सिंह और टाटा स्टील कलिंगानगर के चीफ यूटिलिटीज एंड पावर सिस्टम एस विश्वास को कमेटी का सदस्य मनोनित किया गया है.






