
जमशेदपुर : टाटा स्टील की खनिज संपदा के उत्खनन का काम करने वाली टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड ने ओड़िशा में कमरदा क्रोमाइट माइन और सरूआबिल क्रोमाइट माइन का टेकओवर कर लिया है. इसको नीलामी के माध्यम से टाटा स्टील को दिया गया है. पूरे भारत में माइनिंग लीज में परिवर्तित करने के लिए 31 मार्च, 2020 को समाप्त और नीलाम किए गए लीजों में ये पहला कॉमर्शियल लीज है. टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड (टीएसएमएल), जिसे पहले टीएस एलॉयज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, ने इसको लेकर ओड़िशा सरकार के साथ समझौता किया. समझौतों पर औपचारिक रूप से ओड़िशा के जाजपुर के डीसी रंजन कुमार दास और टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड के एमडी एमसी थॉमस द्वारा हस्ताक्षर किए गए. इन खानों की नीलामी ओड़िशा सरकार द्वारा की गई और लीज 50 वर्षो की अवधि के लिए दिया गया. 31 मार्च, 2020 को समाप्त हुए कॉमर्शियल लीज और नीलाम किए गए ये लीज, बाद में पूरे भारत में माइनिंग लीज में परिवर्तित किए जाने वाला प्रथम लीज हैं. सफल बिडर बनने के बाद, कंपनी को मई 2020 में ओड़िशा सरकार द्वारा एक वेस्टिंग ऑर्डर दिया गया था. टीएसएमएल ने सभी चरणों जैसे अग्रिम भुगतान, खान विकास और उत्पादन समझौते (एमडीपीए) के निष्पादन के साथ-साथ अन्य सभी पात्रता मानदंडों को पूरा किया है. अपने अधिकार के तहत ओड़िशा सरकार ने दो साल के लिए सभी मंजूरी के साथ वेस्टिंग आर्डर (निहित आदेश) दे दिए हैं और साथ ही लीज के निष्पादन के लिए ग्रांट आर्डर की औपचारिक सूचना देने से पहले कंपनी को सफल बिडर घोषित किया है. इस मामले पर एमडी एमसी थॉमस ने कहा कि ‘एलओआई की तारीख से 30 दिनों से कम समय के अंदर इन स्वीकृतियों की प्रक्रिया को पूरा करने में असाधारण सहयोग के लिए ओड़िशा सरकार को धन्यवाद देते हैं. राज्य के इस्पात व खान विभाग, जाजपुर के जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में ओड़िशा सरकार की विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों ने इस अभूतपूर्व समय में यह संभव कर दिखाया है. हम इसे टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं. ओड़िशा राज्य और हमारे सभी स्टेकहोल्डरों के सक्रिय समर्थन के साथ इस यात्रा को शुरू करना चाहते हैं. एक जिम्मेदार कारपोरेट के रूप में टाटा स्टील माइनिंग, गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्घ है और अपने सभी स्टेकहोल्डरों को दीर्घकालिक मूल्य निर्माण में भागीदार मानता है. टीएसएमएल टाटा स्टील की 100 फीसदी सहायक कंपनी है और ओड़िशा के भुवनेश्वर में इसका मुख्यालय है. कंपनी फेरो एलॉयज बिजनेस के अलावा कॉमर्शियल माइनिंग के अवसरों को विकसित करने के लिए काम कर रही है.





