
जमशेदपुर : नया साल आने वाला है. 2021 के आगाज के साथ ही देश की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी टाटा स्टील भी बदलाव के दौर से गुजरेगी. वर्ष 2021 में कंपनी में बड़े बदलाव संभव होने वाला है. टाटा स्टील के मैनजेमेंट लीडरशिप में पहले दो बदलाव हो चुके है. वाइस प्रेसिडेंट एचआरएम के पद पर सुरेश दत्त त्रिपाठी एक फरवरी 2021 से रिटायर हो जायेंगे, जिसके बाद उनके स्थान पर पहली वाइस प्रेसिडेंट बनायी गयी अतरई सरकार पूरे तौर पर कामकाज संभालने लगेंगी. सुरेश दत्त त्रिपाठी के रिटायरमेंट के बाद वीपी एचआरएम और आइआर के विभागों के अधिाकिरयों में भी बदलाव हो सकता है, ऐसी संभावनाएं जतायी जा रही है. टाटा स्टील में चीफ स्तर के अधिकारी प्रबल घोष को वाइस प्रेसिडेंट आरआर झा की जगह बनाया गया है जबकि आरआर झा को वाइस प्रेसिडेंट स्पेशल प्रोजेक्ट बना दिया गया है. इन दो ब दलावों के बाद वर्ष 2021 में दो और वाइस प्रेसिडेंट में बदलाव होगा. टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट लॉजिस्टिक व सप्लाइ चेन दिब्येंदू घोष भी रिटायर होने वाले है. उनका रिटायरमेंट जुलाई 2021 में है जबकि वीपी स्टील मैनुफैक्चरिंग सुधांशु पाठक सितंबर 2021 में भी रिटायर होने वाले है. इन दोनों की जगह भी नये वाइस प्रेसिडेंट का पदस्थापन किया जाना है. इसके लिए योग्य पदाधिकारी की तलाश की जा रही है. आपको बता दें कि टाटा घराने में ही तय हो चुका है कि अब बड़े अधिकारियों को काफी विपरित परिस्थितियों में ही किसी को अतिरिक्त एक्सटेंशन दिया जायेगा. ऐसे में किसी के रुकने की संभावना कम ही है. यहीं वजह है कि बड़े बदलाव संभव है. इसके तहत कई चीफ का वीपी स्तर में प्रोमोशन हो सकता है जबकि कई हेड को चीफ स्तर पर भी प्रोमोशन दिया जा सकता है. टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन अपने मन मुताबिक अधिकारियों की ही पोस्टिंग करेंगे और उनके समक्ष सिर्फ काम को ही आधार मानकर आज तक पोस्टिंग की गयी है, इस कारण ऐसे योग्य अधिकारी की तलाश की जा रही है. वर्ष 2021 में टाटा स्टील की सहयोगी कंपनी जुस्को (टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अब नाम हो चुका है), टिनप्लेट, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट, टीआरएफ, टाटा पिगमेंट समेत कई सारी कंपनियों के एमडी स्तर पर बदलाव संभव है क्योंकि अभी अधिकारियों का तबादला और रिटायरमेंट होने के बाद अधिकारियों को टाटा स्टील अपने अनुसार उनकी पोस्टिंग होगी. टाटा स्टील की विभिन्न कंपनियों के समायोजन का काम भी वर्ष 2021 तक पूरा हो जायेगा. कई एक तरह का काम करने वाली कंपनियों को एक साथ समायोजन किया जाना है. 2021 तक इस काम को पूरा कर लेने की योजना है. टाटा संस और टाटा स्टील के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भी यह साफ किया है कि टाटा स्टील समेत कई कंपनियों का समायोजन किया जायेगा ताकि कंपनी का कार्यभार भी कम हो सके और उसके आर्थिक रेगुलेशन को भी दुरुस्त किया जा सके. घाटे को कम करने के अलावा अधिकारियों के बेहतर मैनेजमेंट सिस्टम को बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, जिस कारण इसको देखते हुए भी कंपनियों के अधिकारियों की पोस्टिंग उसके मुताबिक ही संभव हो सकता है. वैसे टाटा स्टील ने नवंबर माह में ही कंपनियों की संख्या को कम करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है. इस कड़ी में दीपावली के ठीक 1 दिन पहले टाटा स्टील समूह की दो बड़ी कंपनी टाटा मैटालिक और इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट्स जिसको तार कंपनी के तौर पर जाना जाता है उसका समायोजन टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स (टाटा स्टील द्वारा अधिग्रहित उषा मार्टिन कंपनी) में कर दिया गया था. टाटा स्टील लोंग प्रोडक्ट्स, टाटा मैटालिक और तार कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की हुई बैठक में इसके समायोजन को मंजूरी दे दी गयी थी, जिसको 2021 में धरातल पर लाया जायेगा. इसके अलावा सर्विस सेक्टर की सारी कंपनी जुस्को (जिसका नाम अब बदलकर टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर हो गया है) में टाटा पिगमेंट का समायोजन किया जायेगा. इसके अलावा दो और कंपनियों का समायोजन किया जा सकता है, जिसके लिए काम शुरू कर दिया गया है. फिलहाल तार कंपनी, टाटा मैटालिक के साथ टाटा स्टील लोंग प्रोडक्ट्स के समायोजन की प्रक्रिया को 6 से 9 महीने में पूर्ण करने की योजना पर काम चल रहा है. आपको बता दें कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 2 साल पहले ही यह घोषणा की थी कि कंपनियों की संख्या में कमी की जाएगी और कंपनियों का समायोजन किया जाएगा, जो एक तरह के काम करते हैं. इसी कड़ी में यह पहला कदम माना जा रहा है.




