
जमशेदपुर: टाटा स्टील ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए जहां चिकित्सा सेवा को दुरुस्त करने का काम किया है, वहीं टाटा स्टील ने इस लड़ाई में गरीबों को बचाने और जिंदगी बचाने के लिए भी एक अहम लड़ाई छेड़ दी है. इस जंग में वह झारखंड सरकार के साथ केंद्र सरकार के साथ काम करना शुरू किया है. वैसे तो टाटा समूह ने 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है, लेकिन टाटा स्टील अपने स्तर से इसके खिलाफ जंग छेड़ चुका है. कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत समाजसेवा का काम करने वाली टाटा स्टील ने अपने सीएसआर विभाग के साथ दस प्वाइंट पर काम करना शुरू कर दिया है. टाटा स्टील के सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वे लोग जमशेदपुर के करीब 83 बस्तियों को चिन्हित किया है, जिसमें से 31 बस्तियां ऐसी है, जिसमें हर दिन कमाने खाने वाले रहते है. इन सारी बस्तियों में एक समय का गरम खाना परोसा जायेगा. अभी दो हजार लोगों को खाना का पैकेट दिया जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में 50 हजार लोगों तक खाना पहुंचाया जायेगा. इसके अलावा करीब एक हजार गरीबों, जो जमशेदपुर और आसपास के इलाके में निवास करते है, उनको घर बैठे कमाने का रास्ता दिया जायेगा. इसके तहत नको वैसे काम दिलाया जायेगा, जो वे लोग घर बैठकर किसी अन्य के लिए कर सकते है. वाटर शेड प्रोजेक्ट और किचेन गार्डेन में सब्जी लगाने का काम अकेले ही किया जाता है, जिस कारण लोग अपने घरों में ही ये काम कर सकते है, जिसके बदले वे लोग कमा सकते है. सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने बताया कि डीसी जमशेदपुर के साथ समन्वय स्थापित कर एनजीओ को भी जोड़ने का काम कंपनी कर रही है, जिसके माध्यम से एक टीम बनाकर जिला प्रशासन के साथ मिलकर समाज की सेवा इस मुश्किल दौर में कैसे किया जाये, इस पर काम चल रहा है. इसके अलावा पटमदा, बोड़ाम जैसे प्रखंडों में मछली पालन और सब्जी पालन करने वाले लोगों के सामान को खरीदकर उनको होम डिलिवरी के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाया जायेगा, जिसके लिए भी टाटा स्टील का सीएसआर का विभाग काम कर रहा है. सौरभ राय ने बताया कि जमशेदपुर के 34 ग्राम पंचायत में 15 गाड़ियों के माध्यम से लोगो को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देने का अभियान भी चलाया था जबकि अभी 150 पंचायतों के सरपंच और गांव के पांच लोगों को जानकारी देने का अभियान चला रहे है ताकि वे लोगों को बता सके कि कैसे कोरोना वायरस से बचा जा सकता है. डिजिटल माध्यम से 95 ग्राम पंचायतों की सहियाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंच बढ़ाया जा रहा है ताकि लोगों को गलत सूचनाओं से बचाया जा सके और एक दूसरके के बीच दूरियों को भी बनाये रखा जा सके. टाटा स्टील के सीएसआर चीफ सौरभ राय के मुताबिक, टाटा स्टील के 61 कर्मचारियों को वोलंटियर के रुप में विकसित करने में कंपनी कामयाब हुई है, जो अपने से बच्चों का सिलेबस भी तैयार कर रहे है, जो बच्चे गरीब है, उनको कैसे सिलेबस को पूरा करना है, यह बताने काकाम करेंगे.
50 हजार मास्क तैयार करा रही है टाटा स्टील
टाटा स्टील के सीएसआर के चीफ सौरभ राय ने बताया कि वैसे तो मास्क की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों का डिमांड काफी ज्यादा आ रहा है. जिला प्रशासन की हरी झंडी के बाद टाटा स्टील स्वास्थ्य विभाग के गाइडलाइन के अनुरुप 50 हजार मास्क बना रही है. नोवामुंडी, जमशेदपुर के तमाम सेंटरों में महिलाओं को स्वरोजगार इसके माध्यम से देने के साथ ही मास्क भी तैयार किया जा रहा है ताकि लोगों को दिया जा सके. युद्धस्तर पर काम चल रहा है. इसके बाद ग्लब्स बनाने का काम शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है.





