
जमशेदपुर : टाटा स्टील के मैट्रिक पास कर्मचारी पुत्रों की बहाली परीक्षा का मुद्दा गर्मा गया है. निबंधितों का दल बुधवार को एक बार फिर से टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में टिस्को निबंधित पुत्र-पुत्री संघ की ओर से बताया गया कि टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कस यूनियन द्वारा यह बताया और दिखाया जा रहा है कि परीक्षा केंद्रो पर किसी बाहरी लोगों ने दो प्रकार की फेक नोटिस चिपकाया, इसमें एक तो सीटिंग अरेजमेंट है और दूसरी फेक नोटिस वह हैं जिससे में परीक्षा संबंधित नियमववली लिखी हुई है. हम निबंधितो को जो ये दो नोटिस दिखाया गया जिसे टाटा वर्कस यूनियन और टाटा स्टील मैनेजमेंट फेक बता रही है. इन्ही दो नोटिसों से जुड़े सवाल और स्पष्टीकरण से अध्यक्ष से पूछा गया है. अध्यक्ष से पूछा गया है कि फेक नोटिस, जो नियमावली से संबंधित है, जिसके एक पॉइंट में यह लिखा हुआ है कि प्रश्न संख्या 1-80 तक निगेटिव मार्किंग है और प्रश्न संख्या 81-100 जहां से तार्किक प्रश्न शुरू हो रहे है, इन पर कोई नेगेटिव मार्किंग नही है, अब हम टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कस यूनियन से ये जानना चाहते है कि उनके कहे अनुसार ये फेक नोटिस किसी बाहरी लोगों ने चिपकाया है, तो इन बाहरी लोगों को ये कैसे पता चला कि तार्किक प्रश्न संख्या 81-100 से ही शुरू है ? जो कि परीक्षा के प्रश्न पत्र सेट ए और सेट बी में तार्किक प्रश्न 81-100 से ही शुरू हो रहे थे. जिन-जिन परीक्षा केंद्रों पर ये नेगेटिव मार्किंग वाला नोटिस पढ़कर निबंधितो ने परीक्षा दी होगी वो तो केवल उतने ही प्रश्नों के उत्तर दिया होगा, जिसका वो जबाब जानता होगा. मान ले एक निबंधित ने सही-सही केवल 45 प्रश्नो का उत्तर दिया, वही दूसरी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा कोई निबंधित 20 प्रश्नों का जबाब देता है और 80 प्रश्नों पर तुक्का (गेसिंग) लगता है और उसके 26 प्रश्न तुक्का (गेसिंग) के कारण सही हो जाता हैं, अब इसके कुल 46 प्रश्न सही हो जाते है, तो इस परिस्थिति में इस लिखित परीक्षा का क्या औचित्य रह जाता हैं. इन लोगों ने यह भी कहा है कि दूसरा प्रश्न उस फेक नोटिस से है जिसमे सीटिंग अरेजमेंट दिखाया गया है, किसी भी बाहरी व्यक्ति को किसी भी स्कूलों को बाहरी जानकारी हो सकती है, पर कौन सा कमरा किस फ़्लोर में है, एक कमरे में कितने छात्र बैठगे, उस एक स्कूल में छात्रों की कुल संख्या कितनी होगी, क्या इसकी जानकारी किसी बाहरी लोगों को हो सकती है, क्या ये संभव है? इन लोगों ने फिर से सवाल उठाया है कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर अच्छी खासी मात्रा में सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे. ज्यादातर परीक्षा केंद्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगें है, इतनी कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद भी कोई बाहरी आदमी आता है और बड़ी आसानी से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाकर ये दो फेक नोटिस चिपका कर चला जाता है. इन लोगों ने यह भी कहा है कि जिस प्रकार वर्ष 2011 में निबंधितो की लिखित परीक्षा में प्रथम लिस्ट निकलने के ठीक एक महीने बाद दूसरी लिस्ट निकाला गया, और इसी दूसरी लिस्ट से अधिक लोगों का चयन कर हम निबंधितो को नियोजन के नाम पर छला गया, ठीक उसी प्रकार इस बहाली में अपने प्रियजनों के नियोजन के लिए नए-नए प्रकार के प्रपंच रचे जा रहे हैं. इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन 2 से 3 दिनों के अंदर इस बहाली से संबंधित कोई ठोस निर्णय नही लेती है, तो इस बार हम सभी निबंधित अपने पूरे परिवारजनो के साथ धरना-प्रदर्शन तो करेंगे ही, इसके अलावा जो टाटा स्टील जैसे 100 वर्ष पुरानी नैतिक कंपनी की नैतिकता को चंद लोगो द्वारा कैसे धूमिल किया जा रहा है, उनके इस कुकृत्य की जानकारी हम रतन टाटा, मुबई हेड ऑफिस, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यों एवं केंद्र के सभी मंत्रियो एवं हमारे देश के जितने में इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया है, इन सबको ट्विटर और सोशल साइट्स के माध्यमो से इस पूरी घटना से अवगत करवाएंगे तथा इन सभी को हम ये भी बताएंगे कि कैसे एक ओर टाटा स्टील मैनेजमेंट एनएस 1 नॉन टेक्निकल ग्रेड के लिए कुछ लोगो को केवल नौकरी छोड़ नौकरी पाओ के तहत बिना किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा नियोजन कर रही है और दूसरी ओर इसी ग्रेड के लिए लिखित परीक्षा ली जा रही हैं. इस ज्ञापन देने वालों में सहंघ के बीरेंद्र कुमार, सुनीता रानी, साबिता रानी शर्मा , नीतिन मुखी, पूजा रानी महतो, प्रभा हेंब्रम, गीता गोप, अशोक पांडे, निर्मल पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद थे.


