
नयी दिल्ली/जमशेदपुर : टाटा समूह द्वारा करीब 69 साल बाद एयर इंडिया के टेकओवर किये जाने के बाद उसके एमडी सह सीइओ के पद को लेकर कयास और अटकलें शुरू हो चुकी है. दरअसल, अटकलों का यह बाजार इसलिए शुरू हुआ है क्योंकि पिछले दिनों नियुक्त किये गये एयर इंडिया के नये सीइओ सह एमडी एलकर आयशी ने अपना पद संभालने से इनकार कर दिया है. 14 फरवरी को एयर इंडिया के नये सीइओ सह एमडी के तौर पर एलकर आयशी को नियुक्त किया गया था. बताया जाता है कि मार्च के पहले सप्ताह में एलकर आयशी ने एमडी के पद को संभालने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. टाटा संस ने अपनी झोली में एयर इंडिया को लेने के बाद उनकी नियुक्ति की थी. इस फैसले का विरोध शुरु हो गया था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और स्वदेशी जागरण मंच ने उनकी नियुक्ति का काफी विरोध किया था और कहा था कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलकर आयशी की नियुक्ति की मंजूरी नहीं देनी चाहिए. बताया जाता है कि उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था और एलकल आयशी पर जांच की तलवार भी लटक रही थी. बताया जाता है कि स्थापित परंपरा के अनुसार बारत में अहम पदों पर नियुक्त होने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि की जांच की जाती है और आयशी के मामले में भी ऐसा ही होना था. आयशी वर्तमान में तुर्की के राष्ट्रपति तईप एर्दोगन के सलाहकार रह चुके थे. उनको पाकिस्तान का सहयोगी माना जाता था. इन सारे मसले को लेकर विवाद गहरा गया था, जिसके बाद खुद से ही आयशी ने अपने पद को लेने से साफ तौर पर इनकार कर दिया. एलकर आयसी टरकिश एयरलाइंस के चेयरमैन रह चुके है. वे कंपनी के बोर्ड में भी पहले थे. एलकर आइसी इंस्तानबुल में 1971 को जन्मे है. वे बिलकेंट यूनिवर्सिटी से 1994 में राजनीति शास्त्र की पढ़ाई की और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का भी ट्रेनिंग ले चुके है. वे यूके के लीड्स यूनिवर्सिटी से 1995 में राजनीति शास्त्र में रिसर्च भी कर चुके है. इंस्तानबुल में 1995 में मारमारा यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन मास्टर प्रोग्राम की डिग्री हासिल कर चुके है. वे 2015 में टर्किश एयरलाइंस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था. अब उनके इस्तीफा देने के बाद नये एमडी सह सीइओ की तलाश शुरू कर दी गयी है. बताया जाता है कि इस माह के अंत तक जरूर नये एमडी सह सीइओ का पदस्थापन कर दिया जायेगा.




