
जमशेदपुर : टाटा स्टील में रविवार को हुई मैट्रिक पास कर्मचारी पुत्र-पुत्रियों की बहाली के मामले में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सारे लोगों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजने के मामले में पुलिस यह पता लगा रही है कि इस मामले में टाटा स्टील के कर्मचारी मोहम्मद असदुल्लाह और उसका भाई मोहम्मद मासुफ आलम का क्या-क्या रोल था. बताया जाता है कि ये दोनों भाई टाटा स्टील में ही कार्यरत है. टाटा स्टील में काम करने के दौरान ही उन्होंने टाटा स्टील में कर्मचारी पुत्र-पुत्रियों की बहाली को लेकर सारा खेल किया. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से युवकों को बुलाया गया. उनके माध्यम से परीक्षा दिलवाया गया. यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इन लोगों ने और किसको परीक्षा दिलाया है. इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जो युवक आये थे, वे लोग पहले कितनी बार यहां परीक्षा दे सके है. हालांकि, पकड़े गये लड़कों ने बताया कि वे लोग पढ़ने में अच्छे है. गरीब परिवार से है. उनको परीक्षा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से दो लोग लेकर आये थे. वहीं बिहार के दो युवक को भी बिहार से एक व्यक्ति लेकर आया था. इन लोगों के साथ वे लोग भी केस में आरोपी बन चुके है. इस मामले में टाटा स्टील का कर्मचारी मोहम्मद असदुल्लाह तो जेल जा चुका है, लेकिन उसका भाई मोहम्मद मौसुफ आलम की तलाश की जा रही है. इसके अलावा 14 कुल आरोपी जो फरार है, उसको भी तलाश किया जा रहा है. वैसे लोगों की भी तलाश पुलिस कर रही है, जो लोग टाटा स्टील के कर्मचारी पुत्रों की बहाली में जिनके नाम पर परीक्षा देने ये लोग आये थे. इन लोगों की भी तलाश की जा रही है. यह साफ हो चुका है कि पूरे गैंग का मास्टर माइंड टाटा स्टील का दोनों कर्मचारी भाई ही है, जो एक साथ मिलकर इसका आयोजन किया, सभी से संपर्क किया, सबको एडमिट कार्ड दिलाया और सबको यहां लाकर बिहार लॉज में ठहराया. बताया जाता है कि उनको इसके बदले 50 हजार रुपये दिये गये है. 50 हजार रुपये पेशगी के तौर पर लिये गये है. बाद में 50 हजार रुपये और उसको मिलना था. इसके बारे में जमशेदपुर पुलिस के सीसीआर डीएसपी अनिमेष गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. मुख्य साजिशकर्ता टाटा स्टील के कर्मचारी असदुल्लाह और उसका भाई ही है, जो उन लोगों को लाया था, ठहराया था, जिसके बदले मोटा रकम भी उनको मिलने की बात है. सारी बातों की जांच की जा रही है. फरार लोगों की तलाश की जा रही है. वैसे सूत्र यह बता रहे है कि इन दोनों भाईयों के पीछे टाटा स्टील की यूनियन से जुड़ा एक व्यक्ति भी है, जो लगातार इन लोगों के साथ था. ऐसे व्यक्ति की मिलीभगत थी या नहीं, यह पता लगाया जा रहा है. पुलिस इसका पता लगा रही है. पुलिस फरार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी कर रही है. पुलिस को कई सूत्रों से भी नयी जानकारियां हाथ लगी है.





