जमशेदपुर : टाटा स्टील के निबंधित पुत्रों की बहाली नीट के माध्यम से करने के लिखित समझौता के बावजूद किसी तरह की बहाली नहीं होने का मुद्दा गर्मा गया है. निबंधित पुत्र-पुत्री का दल गुरुवार को जमशेदपुर के उपश्रमायुक्त (डीएलसी) को एक ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि उनकी बहाली की जाये. टिस्को ट्यूब निबंधित पुत्र पुत्री संघ के बैनर तले यह ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन सौंपने वालों में उमेश राम, सरोज महतो, राकेश, राजेश तांडी, गुरुचरण सिंह, रानी महतो, राकेश कुमार, बबिता, उपेंद्र शर्मा और पवन समेत अन्य लोग शामिल थे. इन लोगों ने कहा है कि वर्ष 2019 के वेज रिवीजन समझौते में एक लिखित समझौता टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुआ था,जिसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि 500 निबधितो की बहाली लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी और बाकी गैर तकनीक निबधितो का नियोजन निट के माध्यम से नई कंपनी का गठन कर किया जायेगा. मार्च 2022 में 500 पदों की बहाली हो गई और निट के माध्यम से टाटा स्टील मैनेजमेंट द्वारा दो कंपनियों का गठन कर लिया गया, जिसमें एक कंपनी का नाम टाटा टेक्निकल सर्विसेज और दूसरी कंपनी का नाम टाटा स्पोर्ट्स सर्विसेज रखा गया हैं. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील मैनेजमेंट ने इन दोनों कंपनियों के माध्यम से बाहरी लोगो का नियोजन शुरू कर दिया पर निबधितो के इन दो कंपनियों में रोजगार के लिए अबतक कोई पहल नही की जबकि वर्ष 2019 के वेज रिवीजन समझौते के अनुसार निट के माध्यम से कंपनियों का निर्माण करने का मुख्य उद्देश्य टाटा स्टील के नॉन टेक्निकल निबधितो को रोजगार देना था. नियोजन में विलंब होने के कारण हर दिन कोई ना कोई निबधित अपनी उम्र सीमा को पर कर रहा है इसलिए इन लोगों ने निवेदन किया है कि वर्ष 2019 के वेज रिवीजन में निबधितो के रोजगार संबंधित हुए समझौते को जल्द से जल्द अमल में लाने की कृपा की जाए. निट के माध्यम से जो दो कंपनियों का निर्माण किया गया है, इन कंपनियों में हम निबधितो के भविष्य, वर्तमान और मिलने वाली सुविधाओं को लेकर टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच जो समझौता हुआ है, उसको लागू कराने की भी मांग की गयी है. इन लोगों ने मांग की है कि निबधितो का रजिस्ट्रेशन टाटा स्टील में रोजगार के लिए हुआ था पर हम सभी निबधित अपनी बेरोजगारी और भुखमरी को देखते हुए टाटा स्टील की इस सब्सिडरी कंपनी में भी रोजगार करने के लिए भी तैयार है. चूंकि निबधितो का नियोजन टाटा स्टील में नही हो रहा है, एक नई सब्सिडरी कंपनी में हो रहा है इसलिए इस कंपनी में हम निबधितो की कोई उम्र सीमा नही होनी चाहिए और ना ही कोई लिखित परीक्षा ली गयी है.




