
जमशेदपुर : टाटा स्टील के वार्षिक बिजनेस चैलेंज ’स्टील-ए-थॉन, 2019’ के छठे संस्करण में रिकॉर्ड भागीदारी के साथ कल के निर्माताओं ने अपनी उत्कृष्ट बुद्घिमता, कल्पना और अभिनव सोच का प्रदर्शन किया. एमआइसीए टाटा स्टील स्टील-ए-थॉन 2019 के छठे संस्करण का विजेता बना, जबकि एफएमसी दिल्ली पहले रनर-अप तथा आइआइएम शिलांग और आइआइएम रायपुर को संयुक्त रूप से सेकेंड रनर-अप घोषित किया गया. कोलकाता में आयोजित स्टील-ए-थॉन के इस वर्ष के संस्करण के ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों की रिकॉर्ड संख्या देखी गई. देश भर के 22 प्रीमियर बी-स्कूलों की 1400 से अधिक टीमों ने अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कीं. आज के ग्रैंड फिनाले में कुल 15 टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई. पिछले वर्ष इस वार्षिक व्यापार चुनौती में भारत के 19 प्रमुख बिजनेस स्कूलों ने हिस्सा लिया था. विद्यार्थियों ने लाइव मैनेजमेंट प्रॉब्लम्स पर अपने इनोवेटिव सॉल्यूशन प्रस्तुत किये. इस बार कारपोरेट और डिजिटल रणनीति, मानव संसाधन प्रबंधन, विपणन और बिक्री और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में रिकॉर्ड केस स्टडीज प्रस्तुत किये गये. टीमों ने जूरी के समक्ष अपने बिजनेस केस प्रस्तुत किये. जूरी में टाटा स्टील के वीपी स्टील मार्केटिंग व सेल्स पीयूष गुप्ता, वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी और चीफ डाइवर्सिटी ऑफिसर अत्रेय एस सान्याल शामिल थे. स्टील-ए-थॉन के चैंपियन को 2,50,000 रुपये की पुरस्कार राशि के साथ एक ट्रॉफी और एक प्रमाणपत्र दिया गया. पहले रनर अप और सेकेंड रनर अप टीमों को प्रमाण पत्र के साथ क्रमश: 1,50,000 और 1,00,000 रुपये की धनराशि प्रदान की गयी. विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बाई देते हुए पीयूष गुप्ता ने युवा मस्तिष्क को जिज्ञासु होने और अपने लिए सही कॅरियर चुनने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि जिज्ञासा आज के कारोबार में एक महत्वपूर्ण तत्व है. हमें पता होना चाहिए कि कंपनियों में क्या होता है, रेवेन्यु कैसे पैदा होते हैं, किसी कंपनी और ग्राहक की सेवा करने के लिए एक मैनेजर के रूप में आप क्या कर सकते हैं, मूल्य श्रृंखला कैसे काम करती है और अंत में, ग्राहक को आप क्या दे रहे हैं. पुरस्कार के अलावा, ‘स्टील-ए-थॉन’ के प्रतिभागियों को टाटा स्टील के वरीय प्रबंधन के साथ मेंटरशिप का फायदा मिला, जो ‘गुणवत्ता’ और ‘विवरण पर ध्यान’ पर केंद्रित था. इस मंच का लक्ष्य इन उभरते नेतृत्वकर्ताओं को व्यवहारिक मोर्चे पर उनके क्लासरूम ज्ञान के अनुप्रयोग के माध्यम से रियल टाईम बिजनेस चैलेंज के लिए तैयार करना है. 2014 में आयोजित स्टील-ए-थन के पहले संस्करण के बाद अब तक कुल 40 विद्यार्थी टाटा स्टील परिवार में कर्मचारी के रूप में शामिल हुए हैं. स्टील-ए-थॉन का 2019 संस्करण अपने सभी स्टेक होल्डरों के लिए एक बेहतर और टिकाऊ भविष्य बनाने की दिशा में कंपनी के निरंतर प्रयाण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. स्टील-ए-थन 2019 के लिए व्यापक विषय भविष्य की तैयारी को सक्षम करने, संभावनाओं को फिर से परिभाषित करने और एक मंच बनाने के बारे में था, जो कि जुनून और व्यावसायिक कौशल के अनुप्रयोग द्वारा रोल मडल, भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं और कल के निर्माताओं को बनाने की कोशिश करता है.







