
जमशेदपुर : कोरोना वायरस को लेकर पूरा देश जूझ रहा है. इस बड़ी लड़ाई के लिए टाटा स्टील की ओर से बड़ी तैयारी भी की गयी है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद टाटा स्टील के कारपोरेट कम्यूनिकेशन के चीफ कुलविन सुरी, हेड रुणा राजीव कुमार ने टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी और सामाजिक दायित्व देखने वाले पदाधिकारी चीफ सीएसआर सौरभ राय के साथ इसकी तैयारियों की सारी जानकारी पत्रकारों से साझा की. इसको लेकर बड़ी तैयारी टाटा स्टील की ओर से की गयी है.
कोरोना वायरस को लेकर दवाओं का पर्याप्त खेप टीएमएच में मौजूद, सरकार तीन दवाओं का दे चुकी है नाम
वैसे तो यह कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का कोई दवा नहीं है, लेकिन भारत सरकार और झारखंड सरकार ने तीन दवाओं के नाम दिये है, जिसके जरिये कोरोना वायरस के मरीजों को ठीक किया जा सकता है. इसको देखते हुए टीएमएच में भी इन तीन दवाओं का पर्याप्त खेप मौजूद थे. हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन के अलावा एजीथ्रोमैसिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल इसमें किया जा रहा है. टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम ने बताया कि इसको लेकर मंजूरी मिली हुई है और ये सारी दवाओं की पूरी खेप मौजूद है. वैसे यह दवा कारगर भी है और जयपुर में जिस तरह का इलाज संभव हो सका है, जिसके बाद भारत सरकार ने इन दवाओं के इस्तेमाल को मंजूरी दी है. \
टीएमएच में कोरोना वायरस को लेकर अभी 130 बेड, कुछ दिनों में 500 से ज्यादा हो जायेगा बेड
टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि टीएमएच में 130 बेड रखे जा चुके है. 130 बेड के साथ ही पूरे सीसीयू को कोरोना वायरस के लिए ही आरक्षित कर लिया गया है. हार्ट अटैक समेत तमाम क्रिटकल बीमारियों का इलाज के साथ ही यह तैयारी की गयी है. कोई इलाज बंद नहीं है, लेकिन इस बड़ी बीमारी के लिए तैयारी की गयी है. जीएम ने बताया कि अभी 130 बेड मौजूद है, जिसकी संख्या को 240 किया जायेगा. दो से तीन दिनों में यह संख्या बढ़ जायेगी और फिर अतिरिक्त और 160 बेड तैयार कर दिया जायेगा, जिसमें आइसोलेशन बेड तैयार किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निबटा जा सके.
नोवामुंडी, बोकारो, झरिया में भी जबरदस्त तैयारी
टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि नोवामुंडी, बोकारो और झरिया में भी कोरोना वायरस को लेकर तैयारी की गयी है. इसके तहत 25 बेड आइसोलेशन के लिए नोवामुंडी में तैयार किया गया है जबकि तीन वेंटिलेटर और दो सीसीयू बेड आरक्षित रखा जा रहा है. इसके अलावा बोकारो में पांच आइसोलेशन बेड है, जिसको दस तक ले जाना है और दो वेंटिलेशन मौजूद है. झरिया में दस आइसोलेशन बेड है जबकि धनबाद में मेडिकल कॉलेज है, जिसके समन्वय के साथ इलाज की पर्याप्त व्यवस्था किया जा सकता है.
मेडिकल स्टाफ, चिकित्सकों की कमी नहीं, कोरोना वायरस से बचने के लिए ड्रेस, उपकरण सबकुछ मौजूद
जीएम ने बताया कि पारा मेडिकल स्टाफ हो या नर्सिंग स्टाफ से लेकर डॉक्टर तक, किसी तरह की कोई कमी नहीं है. टीएमएच में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जरूरी साजोसमान मौजूद है. सारे चिकित्सक और इलाज में लगने वाले कर्मचारियों के लिए जरूरी ड्रेस भी मौजूद है और उपकरण भी मौजूद है. जहां तक वेंटिलेशन की बात है तो अगर सौ मरीज पोजिटिव आ जाते है तो सिर्फ पांच लोगों की ही ऐसी स्थिति होगी कि वेंटिलेशन की जरूरत होगी, जो पर्याप्त मात्रा में मौजूद है.
टीएमएच के ये तीन टिप्स, जिससे आप बच सकते है कोरोना वाययरस से :
टीएमएच के जीएम ने तीन टिप्स दिये, जिससे कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से बच सकता है. इसके तहत तीनों प्वाइंट को याद रखते हुए किसी भी हाल में इंप्लीमेंट करने को कहा गया है. किसी को डर से सिर्फ मास्क पहनकर घुमने की जरूरत नहीं है. लेकिन सावधान रहने की जरूरत हैह.
- एक दूसरे के बीच की दूरी 3 से 6 फीट तक रखी जाये यानी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग रहे
- कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, डाइनिंग टेबुल या कहीं भी कुछ भी गिरता है या आपका कोई भी लार या शरीर का कोई भी द्रव्य अगर गिरता है या उससे संसर्ग में नहीं कोई आये, इसके लिए तत्काल सफाई जरूरी है. सफाई के साथ रहे
- अगर किसी को क्वारंटाइन यानी एक कमरे में कैद रहने को कहा गया है तो वे जरूर रहे, इससे वे अपने साथ साथ अपने परिवार और समाज के साथ देश को भी बचा सकते है.




