
जमशेदपुर : टाटा स्टील के ट्रेड अप्रेंटिस में बहाल होने वालों के लिए टाटा स्टील मैनेजमेंट और यूनियन ने बड़ा फैसला लिया है. वैसे ट्रेड अप्रेंटिस जिनको पेंडेमिक और कोरोना के कारण टाटा स्टील में बहाल नहीं किया जा सका है, उनको और उनके परिवार को भी टीएमएच और मेडिकल की तमाम सुविधाएं मिलेगी, जिस तरह टाटा स्टील के कर्मचारियों को मिलती है. मंगलवार को इस संबंध में फैसला लिया गया. दरअसल, वर्ष 2017 के करीब 165 ट्रेड अप्रेंटिस में बहाल अभ्यर्थी है, जिनकी ट्रेनिंग पूरी हो गयी और नियमत: उनको जुलाई 2020 से टाटा स्टील में बहाल हो जाना था. चूंकि, लॉकडाउन हो गया और कोरोना का संक्रमण का खतरा बढ़ गया, इस कारण उनकी बहाली नहीं हो पायी. नियम के मुताबिक, ऑल इंडिया ट्रेड टेस्ट (एआइटीटी) पास करने वालों को टाटा स्टील में बहाल किया जाता है, जिसको सरकार के स्तर पर लिया जाता है. लेकिन अचानक से कोरोना का संक्रमण हो जाने के कारण इसको रोक दिया गया, जिस कारण परीक्षा नहीं हो पायी और जुलाई से लेकर अब तक उनकी बहाली नही हो पायी है. वैसे अभी नवंबर माह में सरकार ने फिजिकली रांची में बुलाकर लोगों की परीक्षा ली गयी है, जिसका रिजल्ट नहीं निकल पाया है. इस बीच परिवार के लोग परेशान थे कि आखिर उनको जो सुविधा मिलनी थी, वह नहीं मिल पा रही है. ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड तो मिल रहा है, लेकिन ट्रेनिंग लेने वाले अप्रेंटिस को ही सिर्फ टीएमएच की सुविधा मिल पा रही है और परिवार के लोग इससे वंचित रह रहे थे. इस मुद्दे के आने के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन ने मैनेजमेंट के समक्ष इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद मंगलवार को तय किया गया है कि अप्रेंटिस के वैसे लोग, जिनको बहाल नहीं किया जा पा रहा है, उनको और उनके परिवार को भी मेडिकल की सुविधा दी जायेगी. यह सुविधा अभी से ही परिवार के लोगों को मिलने लगेगा.





