जमशेदपुर : टाटा स्टील के ठेका कंपनियों (वेंडरों) को काफी राहत वाली खबर आयी है. कंपनी की ओर से वेंडरों के लिए तय मानक और स्टार रेटिंग में बड़ा बदलाव कर दिया है. इससे वेंडरों को काफी राहत होगा और वे लोग काफी बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे और एक्शन से बच सकेंगे. हालांकि, सारे वेंडरों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे लोग सेफ्टी के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करें और अपने मातहत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ठेकेदार द्वारा ट्रेंड करें कि सेफ्टी कैसे बरता जाना है. यह बातें टाटा स्टील के यूनाइटेड क्लब में आयोजित एक वेंडर मिलन समारोह के दौरान मैनेजमेंट के आला अधिकारियों ने कहीं. इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट प्रोबाल घोष, वाइस प्रेसिडेंट राजीव मंगल, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान यह बताया गया कि कंपनी में कांट्रैक्टर्स सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम 2016 से ही लागू है. (नीचे भी पढ़ें)
नया स्टार रेटिंग सिस्टम का सरलीकरण किया गया है. पहले वेंडरों के लिए स्टार रेटिंग का मानक 1000 अंकों का था, जिसे अब घटाकर 500 अंक कर दिया गया है.वेंडर के रेटिंग का 50 फीसदी अब ऐसे डेटा पर आधारित होगा, जो वेंडरों को हमेशा दिखाई देगा और इसके संकलन के लिए वेंडरों की ओर से किसी कागजी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होगी. पूरे प्रदर्शन की सारी जानकारी होगी. वहीं, बचे हुए 50 फीसदी थर्ड पार्टी ऑडिटर की ओर से किये गये सेफ्टी ऑडिट पर आधारित होगी. स्टार रेटिंग सिस्टम को 1000 अंकों के बजाय 500 अंकों की की गयी है और एसेसमेंट प्रोसेस को आसान बनाने के लिए पारामीटर (मानक) को 50 फीसदी तक कम कर दिया गया है. वेंडरों के कर्मचारियों के सेफ्टी परफार्मेंस को लेकर वेंडर सेफ्टी परफार्मेंस इंडेक्स विकसित किया गया है. यह तय किया गया है कि किसी भी हाल में पेपर के काम को कम कर दिया जायेगा और सारा काम पेपरलेस ही होगा. सेफ्टी सुपरवाइजरों को पावरफुल बनाया गया है ताकि उनकी सुरक्षा के प्रति ओनरशिप और जवाबदेही की एक बड़ी भावना भी पैदा की जा सके. इसी तरह अब वेंडर प्रोमोटर को एनसेफ सिस्टम के माध्यम से सेफ्टी लाइनवाक करने और टाटा स्टील से त्वरित कार्रवाई के लिए किसी भी रिव्यू को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.



