
जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा युवा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शुरू किये गये छात्रवृत्ति कार्यक्रम ‘वीमेन ऑफ़ मेटल’ के चौथे संस्करण का वर्चुअल फिनाले आयोजित किया गया. अपने कैरियर को एक नया आयाम देने के लिए इच्छुक पूरे देश से प्रमुख संस्थानों की महिला इंजीनियरिंग छात्राओं के साथ हर साल इस कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया जाता है. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि टाटा स्टील संस्थान में कई महिला नेतृत्वकर्ताओं के लिए एक आदर्श लॉन्चपैड साबित हुई है. अपने मार्गदर्शी ’वीमेन ऑफ मेटल’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम के साथ हमारा लक्ष्य पूरे देश की अधिक-से-अधिक महिला प्रतिभाओं को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ने के लिए आकर्षित करना है और इस प्रकार, हम उन्हें इंडस्ट्री एक्सपोजर, कौशल व परिप्रेक्ष्य विकसित करने और अपने कॅरियर को आकार देने का एक अवसर देते हैं. इस प्रोग्राम ने युवा और महत्वाकांक्षी छात्राओं के बीच जो मुकाम हासिल किया है, उस पर हमें काफी गर्व है. इस साल, हम प्रतिभागियों के जबरदस्त उत्साह को देख कर अभिभूत हैं और शॉर्टलिस्ट की गई टीमों की कुछ अनोखी प्रस्तुतियाँ देखी हैं. अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका यह प्रोग्राम, भविष्य में और अधिक सफलता प्राप्त करने तथा एक न्यायसंगत व समावेशी कल के निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार है. इस साल महामारी की स्थिति को देखते हुए वर्चुअल प्लेटफार्मों का लाभ उठाने के लिए कार्यक्रम को नये सिरे से डिजाइन किया गया था. पूरे भारत से आइआइटी, एनआइटी और इसके जैसे अन्य संस्थानों समेत 50 से अधिक प्रीमियर इंजीनियरिंग संस्थानों से द्वितीय वर्ष की 600 से अधिक इंजीनियरिंग छात्राओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रिकॉर्ड पंजीकरण कराया था. कार्यक्रम का उद्देश्य लैंगिक विविधता को प्रोत्साहित करना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में शामिल करना है. भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महिला इंजीनियरिंग प्रतिभा को शामिल, पोषित और प्रोत्साहित करने के लिए 2017 में इसे आरंभ किया गया था. आवेदक एक कठोर चयन प्रक्रिया से होगर गुजरना पड़ता है, जिसमें विभिन्न स्तरों पर तकनीकी चुनौतियां शामिल होती हैं. चुने गए विद्यार्थियों को एक लाइव टेक्नीकल चैलेंज पर काम करना होता है और चयन जूरी के सामने इसका समाधान प्रस्तुत करना होता है. शीर्ष के 10 उम्मीदवारों को न केवल छात्रवृत्ति का प्राप्तकर्ता बनने का अवसर मिलता है, बल्कि टाटा स्टील में कैरियर बनाने का अवसर भी मिलता है. प्रतियोगिता का समापन दस चयनित उम्मीदवारों के साथ होता है जो ग्रैंड फिनाले में अपने अंतिम समाधान पेश करते हैं. जूरी विजेताओं को उनकी प्रस्तुतियों और समाधानों के आधार पर चुनती है. इस चौथे संस्करण के विजेताओं को गुडीज के साथ 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गयी.
विजेता (विवरण) :
सुमी उपाध्याय (आईआईटी, बीएचयू) – प्रथम स्थान
भावना कुमारी (एनआईटी, जमशेदपुर) – दूसरा स्थान
सिमरन प्रियदर्शनी (बीआईटी सिंदरी) और साक्षी नायक (एनआईटी रायपुर) – तीसरे स्थान पर टाई





