
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन मजदूरों की समस्या को लेकर काफी तत्पर हो चुकी है. लॉकडाउन के बीच यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने तमाम ऑफिस बियररों के साथ ऑनलाइन ही मीटिंग की. यूनियन कार्यालय तो अभी बंद है. इस बंदी के बीच में ही काफी समस्याएं मजदूरों की आयी है, जिसके निबटारे पर विचार किया गया. सभी पदाधिकारियों ने इस मीटिंग में कहा कि कोरोना वारस के कारण ऐसी ही डिजिटल तरीके से मीटिंग करनी पड़ेगी क्योंकि स्थिति कबतक सामान्य होगी, यह कहा नहीं जा सकता है. पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्लांट और विभागों के कार्यों के बारे में बताया और यह कहा कि बहुत सारे विभाग में प्रबंधन के साथ कमेटी मेंबर की टेलीकांफ्रेंस के साथ मीटिंग हो रही है. इसको बात कर सारे विभाग में लागू किया जायेगा. पदाधिकारियों ने कहा कि लीव बैंक के जिनके आवेदन आये है, उसे डिजिटल अप्रुवल दे दिया जाये. इसके अलावा टाटा स्टील में ट्रेड अप्रेंटिस में वैसे बच्चे जो परीक्षा नहीं दे पा रहे है, उनको कंटीन्यूटी ऑफ सर्विस का काम देते हुए ट्रेनीज से कर्मचारियों के रोल में ट्रांस्फर किया जाना चाहिए. पदाधिकारियों ने कहा कि जमसेदपुर के सारे क्लब हाउस को क्वारंटाइन सेंटर के रुप में देने की पहल करनी चाहिए. यूनिनय द्वारा सीएसआर भी किया जाना चाहिए, जिसके तहत सफाई के साधन का वितरण, सूखा खाद्य सामग्रियों का वितरण करना चाहिए. चेरिटेबुल ट्रस्ट जैसे अहम मीटिंग ऑनलाइन ही किया जानाचाहिए. पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग में जिनके भी पीपीइ की समस्या थी, उसको निबटा दिया गया है. अंत में सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से अपील की कि इस संकट की घड़ी में शारीरिक दूरी बनाकर रहते हुए काम करना है और मिलकर संकट के इस घड़ी से बाहर आना है.
किसने क्या कहा- (सूत्रों ने जैसा www.sharpbharat.com को बताया)
शत्रुघ्न राय, उपाध्यक्ष-क्लब हाऊस को क्वारंटाइन सेंटर के लिए दे दिया जाना चाहिए ताकि समाज को लाभ हो सके. प्रशासन का सहयोग हो सके. ब्लास्ट फर्नेस, एसएमडी, एलडी वन जैसे विभागों में सोशल डिस्टेंसिंग को कड़ाई से पाल कराने की जरूरत है.
भगवान सिंह, उपाध्यक्ष-यूनियन की ओर से समाजिक सेवा किया जाना चाहिए. सीएसआर के तहत यह काम किया जाना चाहिए ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके. हिंदू, मुसलिम, सिख समेत तमाम समुदाय के पर्व में सेवा का शिविर लगता है, जिस पर करीब 12 हजार रुपये खर्च होते है. यानी 36 हजार रुपये. ऐसी सेवा इस साल नहीं करते हुए उसके जरिये दूसरी सेवा की जाये. इसके अलावा कई विभागों में जो काम चल रहा है, वहां सबको पीपीपइ किट दिलाया जाये
नितेश राज, सहायक सचिव-जॉब फॉर जॉब जो दिया गया है, वैसे लाभांवित होने वाले लोगों को पेंशन नहीं मिल पाया है. पेंशन मिले, यह सुनिश्चित कराने की जरूरत है.
कमलेश सिंह, सहायक सचिव-कंपनी गेट पर कर्मचारियों के लिए छतरी नहीं लगी है, जिसको लगाया जाना है. टाटा स्टील के कई कर्मचारी बाहर फंसे हुए है, उनको मदद यूनियन की ओर से किया जाना चाहिए.
हरिशंकर सिंह, उपाध्यक्ष-आपात और जरूरी काम में लगे लोगों का केंद्र सरकार द्वारा 50 लाख रुपये तक का बीमा कराया गया है. टाटा स्टील के कर्मचारी भी आपात हालत में सेवा दे रहे है. उनका भी बीमा होना चाहिए.
प्रभात लाल, कोषाध्यक्ष-टाटा वर्कर्स यूनियन द्वारा संचालित कैंसर रेस्ट हाऊस को दो साल तक के लिए फ्री कर देना चाहिए. जॉब फॉर जॉब के लिए कई आवेदन दिये गये है, जिनको दिलाया जाना चाहिए.
अरविंद पांडेय, डिप्टी प्रेसिडेंट-भगवान सिंह का समर्थन करते है. सीएसआर के तहत यूनियन को जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए. इस मद में यूनियन के फंड का बेहतर इस्तेमाल करते हुए, कैसे सबको लाभ पहुंचाया जाये, इस पर काम किया जाना चाहिए
सतीश सिंह, महासचिव-लीव बैंक के कई आवेदन आये है. इन सारे आवेदनों का ऑनलाइन मीटिंग कर फैसला कर लाभ पहुचाया जाना चाहिए. सभी कर्मचारियों को मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया जाये. यूनियन तो नहीं खोलना चाहिए, लेकिन ऑनलाइन सारी समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए.
आर रवि प्रसाद, अध्यक्ष-लीव बैंक को लेकर सात से आठ आवेदन आये है. उसका जल्द निबटारा कर लिया जायेगा. मास्क और सैनिटाइजर का वितरण होगा. ट्रेड अप्रेंटिस का कंटीन्यूटी का जो मामला है, उसको बेहतर किया जायेगा और किस तरह उनको ज्वाइन कराया जायेगा, यह सुनिश्चित कराया जायेगा. चैरिटेबुल ट्रस्ट की बैठक जल्द होगी.





