
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को वैसे तो लोग उनकी सौम्यता और उनके व्यवहार के लिए जाना करते है, लेकिन दूसरी और अंतिम बार (अंतिम बार इसलिए क्योंकि उन्होंने अपनी ही तस्वीर को पूर्व अध्यक्षों की सूची में लगवा दी है और वे रिटायर भी होने वाले है) अध्यक्ष बने आर रवि प्रसाद इस बार गुरुर में है. वे किसी को अपने आगे समझ ही नहीं रहे. हाल में एक ऐसी घटना सामने आयी है, जो उनके गुरुर को दर्शाता है और वे किस कदर सत्ता के नशे में चूर है, यह दर्शा रहा है. टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से पिछले सप्ताह गुरुवार को माइकल जॉन गोल्ड मेडल अवार्ड से टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को नवाजा गया था.

श्री चंद्रशेखरन टाटा वर्कर्स यूनियन आये थे. टाटा वर्कर्स यूनियन के गेट के सामने ही दिवंगत और मजदूर आंदोलन के लिए शहीद हो चुके स्वर्गीय वीजी गोपाल की प्रतिमा लगी है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पहले स्वर्गीय वीजी गोपाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उनकी सहृदयता और विनम्रता के साथ ही सनातन धर्म का संस्कार भी दिखा. वे अपना जूता को उतारकर स्वर्गीय वीजी गोपाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किये और फिर वहां से हटे. इसके बाद बारी थी यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद का माल्यार्पण करने का. यूनियन अध्यक्ष खुद आगे बढ़े और माला पहना दिया. वे जूते से उनके चबूतरे को रौंदते हुए माल्यार्पण की रस्म अदायगी की और फिर वहां से कार्यक्रम में चले गये. इसकी तस्वीर अब वायरल हो रही है और मजदूरों ने इसका जोरदार विरोध कर अध्यक्ष का इसको अहंकार बताया है.



