जमशेदपुर : मारुति प्लांट के मनेसर प्लांट के पूर्व सीएचआरओ अवनिश कुमार डे की याद में इंदौर के मेरियट होटल में 13वां अवनिश कुमार मेमोरियल लेक्चर (व्याख्यान) का आयोजन किया गया. गौरतलब है कि अवनिश कुमार का निधन 2012 में मारुति के प्लांट में मजदूरों के आंदोलन के दौरान हुए हमले में हो गया था. उनकी याद में इसका आयोजन किया जाता है. एक्सआइएसएस और एनएचआरडी के संयुक्त संयोजन में इसका आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में काम के दौरान लचिलापन (एजिलिटी) और कृत्रिम बुद्धिमता (एआइ) पर चर्चा की गयी. इस मौके पर मारुति के सीइओ व एमडी हिसाशी टेक्यूची मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद थे. इसके अलावा अन्य वक्ताओं में स्किल इंडियन का चेयरमैन आइएएस गिरीश शर्मा, कोल इंडिया के सीएचआरओ डॉ विनय रंजन, महिंद्रा एंड महिंद्रा के ग्रुप डायरेक्टर राजीव दुबे, नेशनल बोर्ड ऑफ वर्कर एजुकेशन के चेयरमैन विरजेश उपाध्याय के अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष डॉ शहनवाज आलम मौजूद थे. (नीचे भी पढे़ं)
डॉ. शाहनवाज़ आलम ने डिजिटल युग में औद्योगिक संबंध बनाने में ट्रेड यूनियन की भूमिका पर प्रकाश डाला. डॉ. आलम ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) कभी भी मानव संसाधन की जगह नहीं ले पाएगा. मानव संसाधन का कौशल बदलेगा और यूनियन को कर्मचारियों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि प्रबंधन को निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करनी चाहिए. मारुति सुजुकी के एमडी ने कहा कि कर्मचारी किसी भी संगठन की सबसे बड़ी संपत्ति और आत्मा होते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मानव संसाधन विभाग को कंपनी में एक पोषणकारी वातावरण बनाना चाहिए. हमें समावेशी नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. इस सत्र में विभिन्न कंपनियों के सीएचआरओ, एक्सआइएसएस, आइआइएम इंदौर, नर्सी मुंजे और टीआइएसएस मुंबई के छात्रों ने भाग लिया. इस कार्यक्रम में जमशेदपुर के पूर्व जीएम राजीव दुबे और होंडा के पूर्व वीपी हरभजन सिंह भी समारोह में शामिल हुए.



