
चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड में आज भी एक ऐसा गांव है जहां ग्रामीण मोबाइल फोन को पेड़ से लटका कर फोन में रिंग बजने का इंतजार करते हैं. पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड की माटियाबांधी पंचायत के पहाडों पर बसा गांव पाकुड़ियाशोल के ग्रामीण आज भी अपने मोबाइल फोन को पेड़ों पर टांग कर घटों बैठ कर मोबाइल में रिंग बजने का इंतजार करते हैं.
सरकार जहां देश को इंटरनेट से जोड़ने और डिजिटल इंडिया की बात कर रही है वही पाकुड़िया शोल गांव के ग्रामीण दो राज्यों की सीमा से सटे होने के बावजूद भी अपने मोबाइल फोन से लोगों से बात करने के लिए गांव में इधर से उधर भटकते है, तब जाकर कही मोबाइल में टावर आता है और वे सभी अपनों से बात कर पाते है.
गांव के प्रधान बैजुन मांडी और डमन मांडी ने बताया कि गांव में कुछ ही स्थान है जहां मोबाइल का टावर पकड़ता है, उस स्थान को ग्रामीण चिन्हित कर रखा है, जब भी बात करनी होती है ग्रामीण मोबाइल लेकर वहां पहुंचतें है और मोबाइल से बात करते है. कहा कि गांव में घर पर रहने से मोबाइल से बात नही हो पाती है. ग्रामीण एक पेड़ पर मोबाइल टांगकर रखते हैं और वही बैठे रहते हैं तब जाकर वे मोबाइल से बात कर पाते है.







