जमशेदपुर : टिमकन इंडिया के सेवानिवृत कर्मचारियों को पीएफ का पैसा नहीं मिल रहा है. इन लोगों के लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन अब तक उनको पैसा का भुगतान नहीं किया गया है. इसको लेकर सेवानिवृत कर्मचारियों की एक बैठक जमशेदपुर के एग्रिको मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें सेवनिवृत कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान इन लोगों ने कहा कि टिमकेन के कर्मचारियों का पीएफ मार्च 2018 तक कंपनी द्वारा संचालित ट्रस्ट के पास था. लेकिन अप्रैल 2018 से पीएफ को भारत सरकार द्वार संचालित इपीएफओ के पास भेज दिया गया. इन लोगों ने बताया कि अप्रैल 2018 से जुलाई 2022 तक जो भी कर्मचारी सेवानिवृत हुए है, उन्हें केवल मार्च 2018 गका ही पीएफ फंड मिला है. बाकि का पीएफ अभी तक नहीं मिला है. जो कर्मचारी अगस्त 2022 और उसके बाद सेवानिवृत हुए है, उन्हें पीएफ का एक रुपया भी नहीं मिला है. ऐसे कर्मचारियों ने टिमकेन में करीब 30 से 33 साल तक सेवा किये है और 40 से 50 लाख रुपये का बकाया पीएफ के पास है.(नीचे भी पढे)
इन लोगों ने बताया कि टिमकेन इंडिया लिमिटेड से भारत सरकार के इपीएफओ के पास पीएफ हस्तांतरित करने में पांच साल से ज्यादा का समय लग गया है. इस कारण कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इन लोगों ने कहा कि सेवानिवृत कर्मचारी पीएफ के पैसे को बैंकों में जमा कर उसका ब्याज से वे लोग अपना जीवन चलाते है. पीएफ का पैसा नहीं मिलने से उनके बच्चों की शादी, पढ़ाई करने वाले बच्चों की फीस, घर खरीदने में दिक्कत, इलाज के लिए रेगुलर दवाओं की खरीददारी जैसी मूलभूत चीजें पूरी नहीं कर पा रहे है. इन लोगों ने तय किया है कि टिमकेन प्रबंधन और इपीएफओ दफ्तर से संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. वे लोग कार्यालयों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द पीएफ की राशि दिलाने की मांग करेंगे. इन लोगों ने मांग की है कि जब तक टिमकेन के सेवानिवृत कर्मचारियों का पीएफ नहीं मिलता है, तब तक कर्मचारियों को 50 हजार रुपये जीवनयापन के तौर पर दें.



