
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टिनप्लेट कंपनी को भी यहां की औद्योगिक कड़ी के रुप में देखा जाता है. 18 दिसंबर 2021 का दिन जमशेदपुर के औद्योगिक सफर के लिए एक यादगार दिन है. जमशेदपुर की टिनप्लेट कंपनी ने अपने 100 साल उत्पादन करने के पूरे कर लिए है. इन 100 सालों में कंपनी ने कई उतार-चढ़ाव देखे है. टिनप्लेट कंपनी के हॉट डीप प्लांट (एचडीपी) की स्थापना का यह ऐतिहासिक दिन है. टिनप्लेट कारखाने के एचडीपी से पहली बार 18 दिसंबर,1922 को पहला फिनिश्ड टिनप्लेट निकला था. शुरुआती दिनों में कंपनी में बर्मा शेल द्वारा उत्पादित किरोसिन के लिए कंपनी ने कैन्स (कनस्तर) बनाने का काम शुरु किया. आज प्रोसेस्ड फूड के कैन से लेकर कोल्ड ड्रिंक्स में लगने वाले ढक्कन तक सभी कंपनी में ही बन रहे है. टिनप्लेट कंपनी टाटा स्टील की सब्सिडियरी कंपनी है. इसमें टाटा स्टील की हिस्सेदारी 74.96 प्रतिशत है. समय पर आधुनिक बदलाव को अपनाकर आज टिनप्लेट कंपनी देश की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी है. यह प्राइम टिनप्लेट मार्केट का 74 प्रतिशत और कुल घरेलू बाजार में 39 फीसदी की सप्लाई करती है. टिनप्लेट कंपनी अपने उत्पादों का 20 से 25 फीसदी तक निर्यात करती है. कंपनी के उत्पाद दक्षिण पूर्व एशिया, मध्यपूर्व और यूरोप के चुनिंदा देशों में भेजे जाते हैं. कंपनी की उपस्थिति पूरे देश में है और इसका मुख्यालय कोलकाता में है. इसके आठ मार्केटिंग और सेल्स ऑफिस हैं जबकि 18 स्टॉकिंग प्वाइंट हैं. गोलमुरी में एकमात्र प्लांट है जिसमें कोल्ड रोलिंग मिल, इलेक्ट्रोलिटिक टिनिंग लाइन्स और विश्वस्तरीय प्रिंटिंग और लेकरिंग लाइन्स है. (नीचे देखे कैसे शुरू हुई कंपनी)

ऐसे शुरु हुआ सफर
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में टिनप्लेट के उद्योग शुरु करने की ओर ध्यान दिया गया. इसके लिए कंपनी को खोलने पर विचार किया गया, जिससे विदेश की धरती पर हो रही लड़ाई या हड़ताल के कारण होने वाली इसकी कमी को पूरा किया जा सके. देश में टिनप्लेट का प्लांट खोलने में एक दूसरा फायदा यह देखा गया कि देश की इस्पात कंपनी में अधिक उत्पादन होने पर उसे टिनप्लेट कंपनी में खपाकर नया उत्पाद तैयार किया जा सकेगा. उस समय जमशेदपुर में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी में टिनप्लेट के लिए जरूरी माल आसानी से उपलब्ध था. लिहाजा इसी जमशेदपुर शहर में टिनप्लेट कंपनी को स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ा गया. उस वक्त गोलमुरी एक घना जंगल थी. हालांकि टिस्को से इस्पात, पानी और बिजली मिलने वाली थी और कोयले की खानें भी नजदीक होने के कारण इस जगह को उचित समझा गया. अमेरिका के न्यूयार्क स्थित सलाहकार कंपनी मेसर्स पेरिन एंड मार्शल ने कारखाने का नक्शा तैयार किया जिसके अनुसार 40 एकड़ जमीन ली जानी तय हुई. इसमें से साढ़े सात एकड़ जमीन सिर्फ कारखाने के लिए थी. जमीन की व्यवस्था हो जाने पर कारखाना स्थापित करने का काम आगे बढ़ा. 1921 में कारखाना बनना शुरू हुआ. इसके लिए सामान एवं कल पुर्जे संयुक्त राज्य अमेरिका से मंगाये गये. सन 1922 के अंत में कारखाने के भवन बन गये और मशीनें बैठा दी गयी. हॉट डीप प्लांट में बहुत गरमी होने के कारण फर्श के नीचे हमेशा बहने वाला ठंडा पानी और मजदूरों को चारों ओर से ठंडी हवाएं देने वाली सारी सुविधाएं अमेरिका के कारखानों को देख कर तैयार की गयीं ताकि हॉट मिल में काम करने वालों को कोई कठिनाई न हो. (नीचे देखे कंपनी का क्या है प्रोफाइल)

टिनप्लेट कंपनी : एक नजर में
स्थापना : 20 जनवरी, 1920
उत्पादन की शुरूआत : 18 दिसंबर,1922
प्रॉडक्ट सप्लाई के सेक्टर : पैकेजिंग उद्योग, फूड प्रोसेसिंग आदि
बाजार : भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप
चेयरमैन : कौशिक चटर्जी
एमडी : आरएन मूर्ति
उत्पादन व वित्तीय प्रदर्शन (वित्त वर्ष 2020-21)
उत्पादन : 2,90,807 मीट्रिक टन
पीबीटी (कर अदायगी से पहले मुनाफा) : 132 करोड़ रुपये
पैट (कर अदायगी के बाद मुनाफा) : 98 करोड़ रुपये
नेटवर्थ : 846 करोड़ रुपये
दूसरी तिमाही (वित्त वर्ष 2021-22)
पीबीटी : 99.99 करोड़ रुपये
पैट : 74.93 करोड़ रुपये




