रामगोपाल जेना/चाईबासा : महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने शनिवार को जिला मुख्यालय परिसर से डॉक्टर ऑन व्हील्स कार्यक्रम की शुरुआत की. मंत्री जोबा मांझी ने जिला खनिज फाउंडेशन के सौजन्य से डॉक्टर ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत तीन वाहन इकाइयों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उपायुक्त अनन्य मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर भी उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि जिला खनिज फाउंडेशन के अंतर्गत जिले में 6 डॉक्टर ऑन व्हील्स वाहन इकाइयों का संचालन किया जाना है. इसी के तहत प्रथम चरण में आज तीन वाहन इकाइयों को रवाना किया गया जो आनंदपुर, मनोहरपुर, हाटगम्हरिया व जगन्नाथपुर प्रखंड क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगी. जिला प्रशासन तथा पीरामल स्वास्थ्य संगठन के तत्वावधान में संचालित मेडिकल वाहन इकाइयां अपने-अपने निर्धारित प्रखंड क्षेत्रों में मौजूद रहेंगी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी व संलग्न पदाधिकारियों/कर्मियों के सामंजस्य से तैयार रूटचार्ट पर गांव / आवसीय विद्यालय / हाट-बाजारों में पहुंच कर ग्रामीणों / विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराएंगी.(नीचे भी पढ़ें)

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती मांझी ने डॉक्टर ऑन व्हील्स इकाइयों का लाभ ग्रामीणों को मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन तथा पीरामल स्वास्थ्य संगठन, दोनों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि वाहन में उपलब्ध सुविधाओं का भरपूर इस्तेमाल तथा दरवाजे पर पहुंच कर इलाज की व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ माहौल तैयार करने में काफी सहायक रहेगी. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि जिले के सभी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा बहाल हो सके, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत रहा. इसी का परिणाम है कि आज प्रथम चरण में 3 डॉक्टर ऑन व्हील्स का शुभारंभ हो रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि संलग्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों के द्वारा मेडिकल यूनिट परिचालन के निमित्त रूट चार्ट तैयार किया गया है, जिसमें प्रखंड के हाट-बाजारों के अलावा क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों को भी शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन द्वारा प्रदत्त तथा पिरामल स्वास्थ्य संगठन द्वारा संचालित डॉक्टर ऑन व्हील्स के प्रत्येक वाहन में 5 लोगों की पूरी टीम रहेगी, जिसमें डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, कम्युनिटी मोबिलाइजर आदि शामिल हैं. वाहन ग्रामीण समुदायों को निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा उपकरणों, प्वाइंट आफ केयर डायग्नोस्टिक्स उपकरण, दवाई और अन्य उपयोगी सामग्रियों से सुसज्जित हैं.



