
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जहां एक ओर नक्सलवाद जैसे बड़ी समस्या है, वैसे ही दो गज जमीन के लिए एक दूसरों की जान लेने पर आतुर है. इस क्षेत्र में हिंसाओं पर रोकना पुलिस के लिए चुनौती है. हो समुदाय में आधी आबादी में जमीन हथियाने के लिए हड़िया का सेवन कर अपनों की जान लेने को अतुर है. यहां तक की जमीन के हड़पने के नाम पर अपनों की हत्या करने का सुपारी पेशेवर अपराधियों को दे देते है. जिसका प्रमाण टोंटो थाना क्षेत्र में देखने को मिला. जैसे केंजरा पंचायत के बाईहातु गांव में केरा लागुरी के पांच सदस्य परिवार को जमीन हड़पने के लिए चाची ने हत्या करवा दी. लेकिन चाईबासा पुलिस के बेहतर और नई तकनीकी सेल के माध्यम से अपराधियों को जेल के सलाखों तक पहुंचाने में कारगार साबित हुई. घटना के बाद जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप उरांव केंजरा निवासी जुरिया दोरायबुरू की हत्या का गुत्थी सुलझाने के लिए कई सुराग मिला है. बीते रविवार को अज्ञात अपराधियों के द्वारा पत्थड़ से कूच कर हत्या कर दी थी. इस मामले का खुलासा के लिए जगन्नाथपुर एसडीपीओ प्रदीप उरांव दलबल के साथ केंजरा गांव पहुंचकर मामले की जांच की.

विदित हो कि केंजरा निवासी जुरिया दोरायबुरू अपने घर से सब्जी लेने के लिए बाजार गया था, जो वापस नहीं लौटा.बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला. बाद में उसका शव मिला. हत्यारों ने उसकी पत्थर से कूच कर हत्या कर दी थी और शव को आस पास की झाड़ियों मे फेंक दिया. मामले को लेकर जगन्नाथपुर एसडीपीओ प्रदीप उरांव घटनास्थल पहूंचे. कई लोगों से पुछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे. जिसके आधार पर पुलिस और भी कुछ पहलुओं पर जांच कर रही है. इसके बाद हत्याकांड का खुलासा कर देगी. पुलिस का कहना है कि समाज में जागरुकता लाने के लिए पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग व्यवस्था केतहत कार्य कर रही है. इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसा के मामले दिखने को मिल रहे है.





