रामगोपाल जेना
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि मिली है. भाकपा माओवादी संगठन से जुड़े कई सक्रिय नक्सलियों ने बुधवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वालों में कई महिला नक्सली भी शामिल हैं. इनमें एक इनामी नक्सली भी है, जो लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और पुलिस को उसकी तलाश थी. आत्मसमर्पण समारोह में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सभी आत्मसमर्पित उग्रवादियों को राज्य सरकार की उग्रवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि झारखंड की आत्मसमर्पण नीति देश की सर्वश्रेष्ठ नीतियों में से एक है. उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत करते हुए कहा, “जो हथियार छोड़ देंगे, उन्हें नई जिंदगी और बेहतर अवसर मिलेंगे. लेकिन जो हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस के पास नक्सलियों की गतिविधियों का पूरा डेटा उपलब्ध है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस अधिकारियों ने इसे सुरक्षा बलों की बड़ी रणनीतिक सफलता करार दिया और उम्मीद जताई कि यह आत्मसमर्पण अन्य उग्रवादियों को भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगा. यह कदम राज्य में शांति और विकास स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.



