
Chakuliya : चाकुलिया के पुराना बाजार स्थित चावोविरो मंदिर में रुंगटा परिवार की ओर से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया. कथा के प्रथम दिन कथा वाचक रामशंकर जी महराज ने कहा कि किशोरी जी के गर्भ से जन्म हुआ है लव और कुश का. लव और कुश ने जब अयोध्या में जाकर रामकथा का गान करते हैं, तो सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हुए. अयोध्या से आये रामशंकर जी ने कहा कि रामकथा में राम के साथ-साथ जानकी जी का चरित्र है. राम कथा को श्रीराम भी लव-कुश द्वारा की गई रामकथा को मंत्रमुग्ध होकर सुनने लगे. बिना श्रद्धा और विश्वास के हम भगवान का दर्शन नहीं कर सकते हैं. भक्ति करें, पर श्रद्धा और विश्वास के साथ करें. भगवान शंकर गुरूदेव के स्वरूप है. द्वितिया को चन्द्रमा का दर्शन करना भगवान शंकर के दर्शन के समान है. कवियों के स्वामी महर्षि बाल्मीकी है. किशोरी जी अपने भक्तों की क्लेष हारिणी और कल्याणी हैं. राम नाम जपने से जीवन को मोक्ष की प्राप्ति होती है. वेद, पुराण और शास्त्र का सिद्धांत है राम चरित्र मानस. राम चरित्र मानस की रचना भगवान शंकर ने की है. इसमें भगवान शंकर का आशीर्वाद है. यह वेद अवतार है. जिसके मन में संशय है उसका कल्याण संभव नहीं है. इसलिए संतों ने कहा है कि मन में शंका हो तो उसे दूर कर लें. काशी में भगवान शंकर वास करते हैं. काशी मुक्ति का स्थान है. मुक्ति का मार्ग राम नाम है. राम नाम का जाप करने से ब्रह्म हत्या का पाप भी नष्ट हो जाता है. राम नाम दो अक्षर का है, पर सभी नामों में श्रेष्ठ है. गोस्वामी जी कहते हैं कि राम नाम में बहुत शक्ति है. रा के उच्चारण से अंदर का सारा पाप बाहर निकल जाता है और मा का शब्द मुंह बंद होने से होता है, इससे बाहर का पाप अंदर नही आ पाता है. राम नाम कल्प वृक्ष है. कल्प वृक्ष की विशेषता है कि जो मन में इच्छा है सारी इच्छा और कामना पूर्ण होगी. ‘सुख पा न सकेगा मूर्ख प्राणी राम के बिना…’ जैसी भक्ति गीतों पर उपस्थित श्रोता झुम उठे.

महाराज जी ने कहा कि घर परिवार में अगर हम शांति चाहते हैं तो राम नाम का जाप करें. जब कभी मन अशांत हो तो राम नाम का जप करें. मन को शांति मिलेगी. राम नाम एक बार जपने से हजार बार विष्णु नाम लेने के समान है. कथा वाचते हुए कहा कि संत का दर्शन सर्वश्रेष्ठ है, उनकी वाणी का विश्वास करें. जीवन में जब भी कोई गुरू या संत सामने आये तो आप खड़े होकर उनका स्वागत करें. भगवान गणेश राम नाम की परिक्रमा कर सर्वप्रथम पूज्य देवता बने. श्रीराम ही परम् ब्रम्ह हैं. राम जी से ही विष्णु, शंकर और ब्रम्हा का अवतार हुआ है. संतो की वाणी पर विश्वास करो. संत कहते हैं कि दुनिया में भगवान हैं तो, विश्वास करे कि भगवान है. भगवान के दर्शन से ही जीवन का कल्याण होगा. जिससे जीवन और समाज का कल्याण हो उस विषय का चिंतन करना चाहिए. जीवन में सत्य बोलना चाहिए, परंतु ऐसी सत्य बात न बोलें, जिससे सामने वाले को कष्ट हो. जब हम अपना स्वरूप जान लेंगे, तब हमारा ध्यान भगवान के प्रति लगेगा, हम भगवान के अंश हैं भगवान हमारे अंशी हैं. हमारे असली माता-पिता सीता-राम हैं. भगवान हैं यह मानेंगे तो ही भगवान की प्राप्ति का मार्ग मिलेगा. इस अवसर पर गोपाल रुंगटा, ओम प्रकाश रुंगटा, शंकर रुंगटा, गणेश रुंगटा, कमल रुंगटा, महाबीर रुंगटा, केशव रुंगटा, प्रमेश्वर रुंगटा, विनीत रुंगटा, विजय रुंगटा, भरत रुंगटा, कौशल रुंगटा, कमल खंडेलवाल, चन्द्रदेव महतो, कन्हैया सहल, ऋतुराज सिंह समेत अन्य उपस्थित थे. कथा से पूर्व गाजे-बाजे और कीर्तन मंडलियों के साथ शोभायात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा में शामिल सभी महिला और पुरूष श्रीराम का जयकारा लगा रहे थे.







