
जमशेदपुर : भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू सोमवार को जमशेदपुर पहुंचे. उन्होंने जमशेदपुर पहुंचने पर इस शहर को सलाम किया. उनका मानना है कि यह देश के औद्योगिक क्रांति की धरती है, जहां से उद्योग ही नहीं बल्कि नैतिकता भी देश और दुनिया के लिए उदाहरण पेश करती है. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सोनारी एयरपोर्ट से 18 कारों के काफिले के साथ पहले रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस पहुंचे, जहां उन्होंने टाटा और जमशेदपुर के सौ साल की पूरी कहानी को सुना. उन्होंने म्यूजियम का अवलोकन करने के बाद एक्सएलआरआई पहुंचे, जहां जमशेदपुर यानी टाटानगर के बनने के 100 साल पूरे होने पर डाक टिकट जारी किया गया और कॉफी टेबुल बुक का विमोचन किया गया.
इस मौके पर झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, झारखंड के परिवहन व आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन और झारखंड के चीफ पोस्टमास्टर जेनरल अनिल कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस मौके पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोगों को संबोधित करते हुए सबसे पहले टाटा समूह के संस्थापक स्वर्गीय जमशेदजी नसरवानजी टाटा के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जमशेदजी टाटा ने सौ साल पहले सुवर्णरेखा और खरकई नदी के तट पर शहर के साथ उद्योग की स्थापना की, जो आज सौ साल के बाद भी काफी तटस्थ है और देश के जीडीपी के विकास में काफी सहायक साबित हो रहा है. उन्होंने टाटा समूह और जमशेदपुर की तारीफ करते हुए कहा कि टाटा समूह एथिक्स के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं करती है और यहीं पहचान है. आज देश और दुनिया में जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला हो चुका है, वहां इस तरह के एथिक्स को बनाये रखना, बड़ी बात है और इसका अनुसरण करने की जरूरत है. वसुदेव कुटुंबकम वाले देश में एथिक्स के साथ कारोबार करने की सीख देश और दुनिया को टाटा समूह ही दे सकता है, जहां मजदूरों का नेतृत्व स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने किया था.

मजदूर और कंपनी प्रबंधन एक परिवार, शांति रहेगी तो विकास होगा, देश का विकास दर वर्ष 2050 तक 9.8 फीसदी तक पहुंचेगा, निजीकरण समय की मांग
अपने संबोधन में एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मजदूर और कंपनी प्रबंधन एक परिवार के सामान है. शांति अगर रहेगी तो विकास भी होगा. उन्होंने कहा कि अगर मजदूर और प्रबंधन परिवार का हिस्सा समझेंगे तो निश्चित तौर पर विकास होगा क्योंकि शांति से ही विकास आ सकता है, लेकिन अगर कोई विवाद होगा तो किसी तरह भी विकास संभव नहीं हो सकेगा. उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक स्थिति में बदलाव आ रहा है, लेकिन जानकारों का कहना है कि देश का विकास दर वर्ष 2050 तक 9.8 फीसदी तक पहुंच जायेगा. उन्होंने कहा कि एलपीजी यानी लिब्रलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन (एलपीजी) को याद रखकर मजदूरों और कंपनियों को काम करना होगा. उन्होंने कहा कि यह चुनौती का वक्त है और इस चुनौती और आर्थिक विकास को और आगे ले जाने के लिए कंपनियों को भी आगे आकर काम करने की जरूरत है.

शिक्षा व्यवस्था में बडे बदलाव की जरूरत, रोजगारपरक हो शिक्षा, कंपनियां स्किल ट्रेनिंग पर दें जोर, निवेश के लिए केंद्र सरकार लाल फीताशाही नहीं बल्कि अब लाल कारपेट बिछा रही है
उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है. इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है. इसके तहत रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की जरूरत है ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके. उन्होंने कहा कि भारत की नरेंद्र मोदी की सरकार में लालफातीशाही खत्म हुई है और निवेश के लिए अब बेहतर मौका भी है, लेकिन कंपनियों को भी स्किल डेवलपमेंट देने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है. टाटा समूह इस दिशा में काम तो कर रही है, लेकिन इसको और बेहतर तरीके से गति देने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि बिना स्किल डेवलपमेंट के यह संभव नहीं हो सकेगा कि क्वालिटी काम कंपनियों में हो सके और अगर क्वालिटी काम नहीं होगा तो समझ लीजिये कि कभी भी सुधार नहीं हो सकता है. कंपनियां अगर कमायेंगी नहीं तो कहां से समाज या मजदूरों को देंगी, इस कारण कंपनियों को चलने के लिए शांति और सदभाव के साथ-साथ स्किल कामगार भी जरूरत है.

आतंक का कोई मजहब नहीं, विजय माल्या जैसे काले कारोबारियों का उद्योग जगत ही बहिष्कार करें
उन्होंने देश में काले धन और काला कारोबार के बारे में भी फोकस किया और कहा कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता है. इस कारण आतंक को समाप्त करने के लिए उसकी फंडिंग को रोकने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कारोबार के क्षेत्र में विजय माल्या जैसे कारोबारियों को भी रोकने की जरूरत है और उद्योग जगह को ऐसे उद्यमियों का बहिष्कार करना चाहिए जो इस तरह का काला कारोबार करते है.

कैंसर से बचने की जरूरत, बच्चों को जंक फूड से रखे दूर
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि कैंसर महामारी का रुप ले चुका है. कैंसर से बचने की जरूरत है और ऑइसको रोकने के लिए जरूरी है कि इंडिया को फिट होना होगा, स्वच्छ भारत अभियान को जनांदोलन के रुप से और भी आगे ले जाना होगा और देश के बच्चों को और मजबूत बनाना होगा. इसके लिए जरूरी है कि जंक फूड से बच्चों को दूर रखा जाये.
जमशेदपुर जैसे शहरों का विकास करने की देश को जरूरत
देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि वे नगर विकास विभाग में मंत्री रह चुके है. पूरे देश में स्वच्छ अभियान शुरू करना था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अभियान को राजनीतिक भी नहीं रखना है और सरकारी भी नहीं रखना है, इसको जनांदोलन का रुप देना है. इसके बाद यह जनांदोलन का रुप ले चुका है. उन्होंने जमशेदपुर की तारीफ करते हुए कहा कि जमशेदपुर जैसे शहरों का विकास करने की देश को जरूरत है, जहां एक तिहाई हिस्सा अब भी हरियाली है और यह क्लीन और ग्रीन सिटी है. इस सिटी को उदाहरण के रुप में लेकर पूरे देश में ऐसे शहरों को विकसित करने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि जमशेदपुर सारे मानको को पूरा करती है, जो एक शहर के रुप में होना चाहिए. जमशेदपुर इससे पहले कई बार आ चुके है.






