जमशेदपुर : टाटा स्टील में इस बार 20 फीसदी तक बोनस जाने की उम्मीद है. इसको लेकर सोमवार को बोनस वार्ता हुई. सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर एक बजे तक आइआर और एचआर के अधिकारियों के साथ मैनेजमेंट के जुबिन पालिया के नेतृत्व में मीटिंग हुई. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के स्तर पर यह वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान यह बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-2022 में कंपनी का मुनाफा 33011 करोड़ रुपये हुआ था, जिसमें से 6548 करोड़ रुपये टाटा स्टील मेरामंडली यानी अधिग्रहित भूषण स्टील का मुनाफा है. वहीं, 1547 करोड़ रुपये एक्सेपसनल आइटम है, जिसको काटने के बाद जमशेदपुर में बोनसेबुल अमाउंट यानी मुनाफा की राशि 24915 करोड़ रुपये हो जाता है. इस कारण उसी के आधार पर बोनस का समझौता किया जाना है. मैनेजमेंट ने कहा है कि बोनस का जो पुराना फार्मूला है, उस पर बोनस नहीं किया जा सकता है, इस कारण नये सिरे से फार्मूला बनाया जाये. लेकिन यूनियन ने यह जिद किया कि हर हाल में पुराना फार्मूला के तहत बोनस समझौता किया जाये क्योंकि मुनाफा भी ज्यादा हुआ है और कर्मचारियों ने ज्यादा मेहनत किया है. इस दौरान यह बताया गया कि भूषण स्टील में बोनस पहले हो चुका है, जो वहां अप्रेजल सिस्टम के जरिये बोनस दिया जाता है. इस कारण वहां के मुनाफा को इस बोनस में नहीं जोड़ा जा सकता है. इस पर यूनियन राजी हो गयी, लेकिन यूनियन ने कहा कि इस बोनस की राशि को लेकर जो फार्मूला है, वह पुराना ही फार्मूला के जरिये किया जाये ताकि कर्मचारियों को भी लाभ हो सके. इस मीटिंग के बाद यूनियन के टॉप थ्री लोगों ने टाटा स्टील मैनेजमेंट के साथ हुई बैठक की तमाम जानकारी टाटा वर्कर्स यूनियन के सारे पदाधिकारियों को दी गयी. वैसे यह लगभग तय है कि पुराना फार्मूला में कुछ बदलाव कर बोनस का समझौता हो जायेगा. यह उम्मीद की जा रही है कि बोनस समझौता गुरुवार या शुक्रवार तक हो जायेगा. कर्मचारियों के एकाउंट में विश्वकर्मा पूजा तक बोनस की राशि भेज देने की तैयारी के तहत मैनेजमेंट और यूनियन वार्ता कर रही है.






