
जमशेदपुर : जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद झारखंड के पलामू, रांची, रामगढ़, हजारीबाग समेत अन्य इलाके में आपराधिक गैंग चलाने वाले गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को पुलिस ने रिमांड पर लिया है. वह वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा जमशेदपुर के सेंट्रल जेल में काट रहा है. झारखंड पुलिस की ओर से गठित एसआइटी, सीआइडी समेत अन्य जिलों की पुलिस की पूरी टीम उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. 21 जनवरी से तीन दिनों के रिमांड पर पुलिस ने लिया है. उससे कई मामलों में पुलिस पूछताछ करेगी. उस पर आरोप है कि वह जेल से ही अपना गैंग चला रहा है और कई मामलों में उसकी संलिप्तता है. वैसे सुजीत सिन्हा खुद डालटनगंज के पांकी रोड का रहने वाला है और उसके ऊपर हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज है. पलामू, हजारीबाग, डालटनगंज, रांची समेत अन्य जिले के कोयला कारोबारियों से लेकर हर कारोबारियों से करोड़ों रुपये की वसूली करता है. इसके अलावा वह 2007 में पलामू में दो भाई उत्तम और भूषण सिंह की हत्या करने का आरोपी है जबकि हजारीबाग जेल में 2010 को जेल में ही आजसू नेता बाबी खान की हत्या कर दी थी. इसके अलावा रांची में इंजीनियर समंदर सिंह पर रंगदारी के लिए हत्या की कोशिश, हिंडालको कंपनी के दफ्तर पर बम मारने के अलावा अपने प्रतिद्वंदी डब्ल्यू सिंह के शूटर नानकू की हत्या करने का भी आरोपी है. सुजीत सिन्हा गिरोह का कोयलांचल में सबसे ज्यादा दबदबा है. वह जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा तो काट रहा है, लेकिन उसका गिरोह लगभग सारे कारोबारी स्थानों पर अपना दबदबा बना चुका है और करोड़ों रुपये हर माह रंगदारी वसूल रहा है. खास तौर पर कोयला के कारोबारियों से रंगदारी वसूलना आम बात हो चुका है. सुजीत सिन्हा को पलामू सिविल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. पांकी रोड में भूषण सिंह और सुनील सिंह नाम दो भाईयों की हत्या के मामले में पलामू सिविल कोर्ट ने उसको दोषी माना और सुजीत सिन्हा को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. 2019 के जुलाई माह में उसको आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सुजीत सिन्हा संगठित अपराध झारखंड में चलाने वाला माफिया है, जिसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है.






