
रांची : भाजपा में झारखंड विकास मोरचा (झाविमो) का विलय होने का रास्ता अब लगभग तय माना जा रहा है. भाजपा में झारखड विकास मोरचा के विलय का विरोध करने वाले मांडर से पार्टी के विधायक बंधु तिर्की को झाविमो से निष्कासित कर दिया गया है. मंगलवार को झाविमो के केंद्रीय प्रधान महासचिव अभय सिंह ने उनको पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश के आलोक में निष्कासित कर दिया. उनके निष्कासन के बाद अब यह अटकलें लगायी जा रही है कि भाजपा में विलय का विरोध करने वाले प्रदीप यादव को भी झाविमो पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकती है. इसके बाद आसानी से भाजपा में झाविमो का विलय हो जायेगा और किसी भी विधायक का विधायकी नहीं जायेगी और आराम से सारा काम हो जायेगा. अगर बंधु तिर्की हटा दिये जाते है तो झारखंड विकास मोरचा में सिर्फ दो ही विधायक रह जाते है, पहला बाबूलाल मरांडी जो खुद केंद्रीय अध्यक्ष है और दूसरा प्रदीप यादव. देश के संविधान के मुताबिक, किसी भी पार्टी का विलय या पार्टी से टूटकर 50 फीसदी विधायक किसी अन्य पार्टी में मिल जाते है तो वह दल बदल कानून के दायरे में नहीं आता है. अब दो विधायक ही रह गये है तो अकेले भी अगर बाबूलाल मरांडी भाजपा में झाविमो का विलय कर देते है तो यह दल बदल कानून के दायरे में नहीं आयेगा. इसके अलावा अगर प्रदीप यादव फिर से इस पर हंगामा करेंगे तो विलय के पहले उनको भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा. फिर आराम से पार्टी का विलय हो सकेगा. वैसे पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के गठन के वक्त ही बाबूलाल मरांडी ने अपनी मंशा साफ कर दी थी. बाबूलाल मरांडी ने खुद केंद्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रधान महासचिव के पद पर अपने सबसे करीबी नेता अभय सिंह (जमशेदपुर) को पार्टी का प्रधान महासचिव बनाया. इसके बाद यह कार्रवाई कर दी. वैसे बंधु तिर्की पर हटाने की वजह पार्टी विरोधी काम करने का बताया गया है. बंधु तिर्की पर आरोप है कि वे हटिया से पार्टी की महिला प्रत्याशी शोभा यादव के खिलाफ प्रचार किया था, जिसके पुख्ता सबूत पार्टी को मिले, जिसके आधार पर उनको हटाया गया.

नियम के तहत कार्रवाई की गयी, विलय का अफवाह मत उड़ाये : अभय सिंह
झाविमो के प्रधान महासचिव अभय सिंह ने बंधु तिर्की के निष्कासन को सही बताया है. अभय सिंह ने रांची में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि नियम के तहत कार्रवाई की गयी है. भाजपा में झाविमो के विलय का अफवाह मत उड़ाये. पार्टी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है. बंधु तिर्की ने महिला प्रत्याशी शोभा यादव के खिलाफ काम किया था, जिसका पुख्ता सबूत मिला, जिसके आधार पर केंद्रीय अध्यक्ष ने कार्रवाई करने का आदेश दिया और इस आदेश के आलोक में बंधु तिर्की को निष्कासित कर दिया गया. इसकी लिखित शिकायत शोभा यादव ने की थी, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया. इसका मामला भाजपा में विलय से जोड़कर देखा जाना गलत होगा.







