
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के मृत बाइ-सिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा द्वारा लगाये गये अवैध संबंध बनाने को लेकर पति को प्रताड़ित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. टाटा मोटर्स के स्थानीय मैनेजमेंट और ऑफिसरों के कथित प्रभाव में गोलमुरी थाना ने मामले में दो दिन बाद तक भी एफआइआर दर्ज़ नहीं किया. बुधवार को दोपहर बारह बजे गोलमुरी थाना प्रभारी ने पीड़िता को बुलाया था और मामले को टेल्को थाना से संबंधित बताकर अपना पल्ला झाड़ते दिखें. पीड़िता ने न्याय की आस लगाकर एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन से मुलाक़ात की. महिला के एसएसपी ऑफिस पहुंचने से पहले ही वहां टाटा मोटर्स कंपनी के सुरक्षा प्रमुख रजत सिंह और कर्नल बरार खड़े थें. पीड़िता के समर्थन में आजसू नेता अप्पू तिवारी के अलावे टाटा मोटर्स यूनियन के बर्खास्त नेता हर्षवर्धन सिंह और प्रकाश कुमार एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे.
पीड़िता के एसएसपी कार्यालय पहुंचते ही टाटा मोटर्स के रजत सिंह और कर्नल बरार वहां से चेहरा छिपाते हुए भाग निकलें. मीडियाकर्मियों द्वारा बुलाने के बावजूद भी वे लोग चेहरा छिपाते हुए भागने निकलने में सफल रहें. इस सब को देखते हुए पीड़िता ने आशंका जताया कि उसके मामले को मैनेज करने के लिये और दोषी ऑफिसरों को बचाने के लिए रसूखदार लोग पैरवी कर रहे हैं. उसी कड़ी में कंपनी के कुछ अफसर उसका पीछा करते हुए एसएसपी कार्यालय तक पहुंचे थे. पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ एम तमिल वाणन से मुलाक़ात की और घटनाक्रम से अवगत कराया. एसएसपी ने इस मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक नगर से कराने की बात कही. पीड़िता ने कहा कि मामले में दो दिन बाद तक भी एफआइआर दर्ज़ नहीं होना और ऑफिसरों द्वारा उनका पीछा करना संदेह उत्पन्न करता है. मामले में अब तक एफआइआर दर्ज़ नहीं हुआ है तो आख़िर क्या जांच होगी. गोलमुरी थाना की कार्यसंस्कृति पर नाराज़गी जताते हुए पीड़िता ने कहा कि गुरुवार तक अगर मामले में दोषियों के ख़िलाफ़ एफआइआर और गिरफ़्तारी नहीं होगी तो वे न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिलेंगी. इस मामले में आजसू नेता अप्पू तिवारी ने कहा कि महिला उत्पीड़न पर टाटा मोटर्स कंपनी के ज़ीरो टॉलरेंस की नीति की पोल खुल गई है. दोषी सुरक्षा ऑफिसरों और अन्य अभियुक्त पर कार्रवाई करने की जगह उल्टे कंपनी के ऑफिसर पीड़िता का चरित्र हनन कर रहे हैं. दोषियों को बचाने के लिए टाटा मोटर्स का बचाव तंत्र सक्रिय हो गया है. अप्पू तिवारी ने कहा कि पीड़िता द्वारा बताया गया कि कंपनी के रजत सिंह और मेजर बरार उनका पीछा कर रहे हैं, यह गंभीर मामला है. दोषियों को चिन्हित करते हुए तुरंत मामला दर्ज़ करना चाहिए. टाटा मोटर्स यूनियन के पूर्व निष्काषित नेता हर्षवर्धन सिंह ने पीड़िता के पक्ष में सवाल उठाया कि आख़िर एक ही जमशेदपुर में दो तरह के क़ानून कैसे हो सकती है जहां ग़रीबो को फ़ौरन जेल भेज दिया जाता है और एक प्रताड़ित विधवा की शिकायतों पर एफआइआर तक दर्ज़ नहीं होती. हर्षवर्धन सिंह ने सवाल उठाया कि आख़िर टाटा मोटर्स के ही अस्थाईकर्मियों की आये दिन आत्महत्या करने की ख़बरें क्यों आती है. पीड़िता द्वारा लगाये आरोपों में कार्रवाई की मांग करते हुए हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि जबतक आरोपी सुरक्षा ऑफिसर और अन्य अभियुक्त को निलंबित नहीं किया जाता तब तक सही जांच संभव नहीं है. यूनियन के पूर्व नेता प्रकाश कुमार ने भी पीड़िता का समर्थन करते हुए अविलंब दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. एसएसपी से मिलने वालों में मुख्य रूप से नीतू सिंह के साथ अप्पू तिवारी, हर्षवर्धन सिंह, प्रकाश कुमार, भारतीय जनमोरचा की महिला संयोजक ब्यूटी तिवारी, आरके दुबे समेत अन्य मौजूद थे.






